टेस्ट क्रिकेट में पाकिस्तानी टीम में तकनीक और प्लानिंग का अभाव रहा है। यही पाकिस्तान की हार का मुख्य कारण है। बल्लेबाजों को सही तकनीक नहीं मालूम है और वे
दबाव में धराशायी हो जाते हैं। शोएब मलिक टीम का कुशल नेतृत्व करने में असफल रहे हैं। उनमें अच्छा कप्तान बनने की क्षमता है, पर इस समय वे खुद फॉर्म में नहीं हैं।
चौथे दिन के खेल में कनेरिया कुछ खास नहीं कर सके। एक अच्छे लेग स्पिनर होते हुए भी वह सफलता नहीं मिलने पर पराजित महसूस करते हैं। अभी भी पाकिस्तान खुद को सुधार सकता है। उसके पास मंझे हुए बल्लेबाजों की टीम है, जो सर्दी के मौसम में भारतीय पिचों पर अपना रंग जमा सकते हैं। उन्हें अपनी बल्लेबाजी भी काफी हद तक सुधारनी होगी।