लंदन. धूम्रपान के कारण फेफड़े का कैंसर, नपुंसकता और दिल की बीमारियों का पता तो सबको है, लेकिन अब एक ताजा रिसर्च के अनुसार धूम्रपान गंजेपन का
भी कारण बन सकता है।
अंतरराष्ट्रीय रिसर्चरों के एक दल ने पाया कि धूम्रपान करने से बालों का झड़ना वक्त से पहले ही शुरू हो जाता है और अंतत: यह गंजेपन का कारण बन जाता है। ताईवान की राजधानी ताईपे के फार ईस्टर्न मेमोरियल अस्पताल के लीड रिसर्चर डॉ. लिन-हुई सू के अनुसार धूम्रपान का असर सिर के बालों के जेनेटिक स्ट्रक्चर पर पड़ता है। अस्पताल के शोधकर्ताओं ने करीब 700 लोगों पर सर्वेक्षण कर यह शोध रिपोर्ट तैयार की है। सर्वेक्षण में पूछा गया कि उन्होंने कब धूम्रपान शरू किया और उस समय उनके सिर पर कितने बाल थे। रिपोर्ट के अनुसार ज्यादा धूम्रपान करने वाले ज्यादा गंजे पाए गए। यह रिपोर्ट जर्नल आर्काइव्स आफ डर्मेटोलोजी में प्रकाशित की गई है।
मोटापा बन सकता है विकलांगता का कारण : न्यूयॉर्क. जंक फूड के दीवानों और खासतौर पर ज्यादा उम्र के लोगों को खुली चेतावनी दे दी गई कि उनके लिए मोटापा विकलांगता का भी कारण बन सकता है। ‘वेबएमडी’ में प्रकाशित एक रिसर्च पेपर के अनुसार सामान्य या थोड़ा ही ज्यादा वजन रखने वाले लोगों की तुलना में ज्यादा उम्र में ज्यादा वजन वाले लोगों के विकलांग होने की आशंका भी ज्यादा होती है। एले यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिल्वेनिया के रिसर्चर दो राष्ट्रीय स्वास्थ्य और पोषण सर्वे के नतीजों के विश्लेषण के बाद इस नतीजे पर पहुंचे हैं। इसमें 60 वर्ष से ज्यादा उम्र के दस हजार लोगों में मोटापे और विकलांगता का सीधा संबंध पाया गया।
ओसीडी का राज खुला
लंदन. सनकमिजाजी में चौंका देने वाले काम या फिर किसी काम को बार-बार करने की बीमारी ‘ओबेसिव कम्पल्सिव डिसऑर्डर(ओसीडी)’ का एक ऐसा राज खुला है जो आगे चलकर इसके इलाज में कारगर साबित हो सकता है। ओसीडी का शिकार लोग कई बार इस सोच के साथ बार-बार हाथ धोते हैं कि उनके हाथ बहुत गंदे हैं और बार-बार धोने के बाद भी साफ नहीं हो रहे। सामान्य तौर पर यह बीमारी परिवार में कई सदस्यों को होती है। वैज्ञानिकों ने तुलनात्मक अध्ययन में पाया कि दिमाग के ग्रे मेटर में आई कमी के कारण लोग इस बीमारी के शिकार हो जाते हैं।