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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. कांकेर जिले में रोजगार गारंटी योजना घोटाले में फंसे आरोपी अफसरों ने जांच से संबंधित दस्तावेजों की मांग की है ताकि उनका अवकोलन कर वे जवाब तैयार कर सके। इन अधिकारियों को शासन ने आरोपपत्र जारी कर दिए हैं।
कांकेर जिले में हुए रोजगार गारंटी घोटाले की सरकार ने जांच कराई है। इसमें करोड़ों रुपए की अनियमितता पकड़ी गई है। इस आधार पर 8 सीईओ सहित कुछ अधिकारियों को निलंबित कर उनके मूल विभागों के मुख्यालयों में अटैच किया गया है। उन्हें आरोपपत्र भी थमाए गए हैं।
आरोपियों ने हाल ही में विकास आयुक्त को पत्र लिखकर मांग की है कि आरोपपत्र का जवाब देने से पहले वे जांच रिपोर्ट सहित अन्य संबंधित दस्तावेजों का अध्ययन करना चाहते हैं ताकि उन पर लगे आरोपों के मुताबिक वे जवाब दे सकें। उनके पत्र के जवाब में विभाग ने अफसरों से दो हफ्ते का समय मांगा है।
विभाग यह तैयारी कर रहा है कि सभी आरोपी अफसरों को एक नियत स्थान पर बुलाकर दस्तावेज दिखा दिए जाएं। यह स्थान मंत्रालय या कांकेर जिला मुख्यालय करने पर विचार किया जा रहा है। शासन यह भी मानकर चल रहा है कि जल्दी कार्रवाई न हो इसके लिए सभी आरोपी लामबंद होकर चल रहे हैं।
घोटाले के आरोप में जिला पंचायत सीईओ केपी देवांगन सहित वेटनरी विभाग के डा.राकेश वर्मा, सहायक संचालक कृषि बीपी अरोरा, सहायक उद्यानिकी अधिकारी डीके साहू, सीईओ जनपद पंचायत कांकेर राधाकांत कर, चारामा सीईओ परदेसीराम मरकाम, सीईओ भरतराम, सीई्ओ श्री गजभल्ला, कोयलीबेड़ा सीईओ श्री ध्रुव आदि को चार्जशीट दी गई है।