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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय द्वारा समय से पहले परीक्षा फार्म जारी करने के बावजूद इसका वितरण ठीक से नहीं हो सका। नतीजा यह है कि परीक्षा फार्म जमा करने को केवल चार दिन बचे हैं लेकिन ज्यादातर कालेजों में फार्म की किल्लत चल रही है। कहीं रेग्युलर के फार्म नहीं है तो कहीं पर प्राइवेट के। छात्र-छात्राओं को भटकना पड़ रहा है।
रविवि से 195 कालेज संबद्ध हैं जो डिग्री कोर्स संचालित करते हैं। इनमें हर साल लगभग एक से सवा लाख परीक्षार्थी शामिल होते हैं। इस साल रविवि ने 1 सितंबर से ही परीक्षा फार्म जारी कर दिए। लेकिन इसके बावजूद वितरण सही नहीं हो सका।
राजधानी के कालेजों को रविवि ने कोर्स के आधार पर फार्म बांटा है इसलिए छात्रों को भटकना पड़ रहा है। साइंस कालेज में परीक्षा फार्म जमा तो हो रहे हैं लेकिन वहां फार्म बेचे नहीं जा रहे। छात्र पहले फार्म खरीदने रविवि जाते हैं फिर उसे साइंस कालेज में जमा करते हैं। महंत कालेज में फार्म की किल्लत है। दूसरे शहरों में भी फार्म की कमी है।
भिलाई के कल्याण कालेज और दुर्ग के तामस्कर साइंस कालेज व सुराना कालेज में फार्म नहीं मिल रहे हैं। कल्याण कालेज के प्राचार्य जेपी मिश्रा ने बताया कि रेग्युलर और प्राइवेट के फार्म कम पड़ गए हैं। जिससे छात्रों को परेशानी हो रही है। कांकेर जिले के कई कालेजों में फार्म नहीं है।
शासकीय बीपी देव पीजी कालेज कांकेर में रेग्युलर के 1250 विद्यार्थी हैं। वहां तकरीबन 1500 प्राइवेट छात्र शामिल होते हैं। वहां तीन दिन पहले ही फार्म खत्म हो गए हैं। प्राचार्य डा. एके बंसल ने बताया कि दूसरे कालेज से उधार में फार्म मांगा था। लेकिन सभी जगह ऐसी ही स्थिति है। इनके अलावा शासकीय कालेज बसना, पिथौरा (महासमुंद), धमधा (दुर्ग), रामटोला (अंबागढ़ चौकी) सहित कई दूरस्थ कालेज में फार्म नहीं हैं। विवि जाने पर फार्म नहीं दिया जा रहा है।
डेढ़ लाख फार्म छपाए :
विवि ने पहली बार रायपुर जेल के प्रिंटिंग प्रेस से फार्म छपाए। इसे किश्तों में छपाया गया। इसीलिए शुरु से कमी बनी रही। लेकिन विवि के अधिकारियों का कहना है कि अब पूरे फार्म छप गए हैं। रेग्युलर के 70 हजार और प्राइवेट के 80 हजार फार्म छपाए गए हैं। इनमें से केवल 10 हजार विवि में रखे गए हैं। बाकी सभी फार्म वितरित कर दिए गए है। जिस कालेज में फार्म खत्म हो गए उन्हें समीप के कालेज से फार्म देने के निर्देश हैं लेकिन उसी स्थिति में जब उनके पास अतिरिक्त फार्म हों।
जहां से डिमांड आ रही है वहां तुरंत फार्म भेजे गए। अब डिमांड लगभग खत्म हो चुकी है। फार्म की किल्लत नहीं है। - इंदु अनंत, कुलसचिव, रविवि