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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. राज्य की महात्वाकांक्षी केलो सिंचाई परियोजना के सिविल वर्क का ठेका हैदराबाद की कंपनी एसईडब्लू को दिया गया है। मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह की सख्ती के बाद री-टेंडर में 166 करोड़ का ठेका 116 करोड़ में फाइनल हुआ।
रायगढ़ जिले की इस परियोजना के सिविल वर्क के सिंचाई विभाग के पहले टेंडर में न्यूनतम दर 166 करोड़ रुपए आई थी। इस पर डा. रमन ने दर को ज्यादा बताते हुए नए सिरे से टेंडर बुलाने सिंचाई मंत्री हेमचंद यादव और विभागीय सचिव विवेक ढांड को आदेश दिए। री-टेंडर में न्यूनतम दर 116 करोड़ रुपए थी। इसीलिए इस कंपनी का चयन किया गया।
गौरतलब है, केलो सिंचाई परियोजना को काफी मशक्कत के बाद सुप्रीम कोर्ट की सशक्त कमेटी ने पिछले महीने ही मंजूरी दी है। वैसे तो केलो परियोजना पर कुल 400 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है, लेकिन इसके हेडवर्क में 115-120 करोड़ खर्च होने का अनुमान लगाया गया था। इसके तहत नाला क्लोजर और परियोजना की शुरुआत की पांच किलोमीटर नहर का निर्माण किया जाना है। इसके अलावा अन्य छोटे-छोटे सिविल वर्क होंगे।
केलो परियोजना को पूरा होने में करीब पांच साल लगेंगे। इस परियोजना से 175 गांव के तीन लाख से अधिक किसानों को फायदा होगा। केलो परियोजना से 26800 हेक्टेयर खेती में सिंचाई संभव होगी। 2003 से इस परियोजना पर काम शुरू हुआ लेकिन विभिन्न स्तरों पर अनुमति मिलने में खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। खासकर वन अधिनियम के तहत मंजूरी लेने में पसीना छूट गया। परियोजना के मार्ग में अब तक यही सबसे बड़ी बाधा थी।