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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. छत्तीसगढ़ और मप्र बिजली बोर्ड के बीच कर्मचारियों की अदला-बदली को लेकर सात साल से चला आ रहा विवाद अब सुलझ गया है। भोपाल में शनिवार को हुई दोनों राज्यों के अफसरों की बैठक में मप्र इस बात पर सहमत हो गया है कि यहां केवल छत्तीसगढ़िया कर्मचारियों को ही भेजा जाएगा। इनकी संख्या 350 है।
बोर्ड के विभाजन के बाद 2001 में मप्र से 666 कर्मचारी आए थे। उसके बाद बंटवारा उलझ गया था। मप्र इनके अलावा 1000 कर्मचारी और भेजने पर अड़ा हुआ था, लेकिन छत्तीसगढ़ केवल उन कर्मचारियों को लेना चाह रहा था जिनका मूल निवास छत्तीसगढ़ है या जिसने बंटवारे के समय छत्तीसगढ़ का विकल्प दिया था।
इस विवाद को सुलझाने पूर्व मुख्य सचिव आरपी कपूर की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई थी। कई नाकाम बैठकों के बाद शनिवार को भोपाल में श्री कपूर की मौजूदगी में दोनों राज्यों के अफसरों ने चर्चा की। मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव राकेश साहनी, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल के अध्यक्ष राजीब रंजन और सदस्य मनोज डे बैठक में मौजूद थे।
श्री रंजन ने बताया कि इस बार मप्र छत्तीसगढ़ की मांगों से सहमत हो गया। दो दौर की बैठक में यह मान लिया गया कि 1000 के बजाय केवल 350 कर्मचारियों को छत्तीसगढ़ भेजा जाएगा। यहां से करीब 150 कर्मचारी जाएंगे।