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बजने ही वाली है सिटी बस की सीटी

बिलासपुर. सिटी बस के तीन और रूटों के लिए सोमवार को टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई। तीन लोगों के आवेदनों में से एक को रिजेक्ट करने के बाद दो लोगों को तीन रूटों पर बस चलाने का ठेका दे दिया गया।

सिटी बस चलाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा आज ठेका की प्रक्रिया पूरी कर ली गई। इसके तहत रूट नंबर एक पावर हाउस तोरवा से कानन पेंडारी, रूट नंबर दो रेलवे स्टेशन से मोपका और रूट नंबर तीन बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन से गुरु घासीदास यूनिवर्सिटी के लिए टेंडर ओपन किए गए। शाम पांच बजे कलेक्टोरेट सभाभवन में इसकी प्रक्रिया पूरी की गई।

सीलबंद पेटी से खोलने पर प्रशासन को तीन टेंडर आवेदन मिले। इसमें पहला टेंडर एनएल वर्मा का था। उन्होंने तीनों रूट के लिए फार्म और पचास हजार रुपए प्रति रूट के हिसाब से डेढ़ लाख रुपए का ड्राफ्ट जमा किया था। उन्हें रूट नंबर एक और तीन पर बस चलाने की स्वीकृति दी गई।

इसी तरह देवप्रसाद राठौर को रूट नंबर दो पर सिटी बस चलाने का ठेका दिया गया है। बस चलाने के लिए सियाराम मिश्रा ने भी टेंडर भरा था, लेकिन आवेदन के साथ ड्राफ्ट न होने और रेट भी बाकी लोगों से कम होने के कारण उनका आवेदन निरस्त कर दिया गया।

टेंडर की प्रक्रिया के दौरान कलेक्टर सुबोध सिंह ने बस रूटों की जानकारी देते हुए आवेदकों से उनकी पसंद भी पूछी। रूट नंबर दो और तीन का रास्ता लगभग समान होने की वजह से उन्होंने विकल्प दिया कि संचालक चाहें तो आपस में तय कर सकते हैं कि समान रूट पर एक ही व्यक्ति बस चलाए ताकि स्पर्धा के चक्कर में यातायात और दुर्घटना की समस्या न हो। इस पर बस संचालकों ने आश्वासन दिया कि वे आपस में इसे तय कर लेंगे और इस तरह की कोई अव्यवस्था नहीं होने दी जाएगी।

गौरतलब है कि इसके पहले सात रूटों के लिए जिला प्रशासन ने टेंडर किए थे। इसमें रूट नंबर चार से सात तक के लिए ठेका दे दिया गया था। इनमें सेंदरी से नेहरू चौक, मंगला होते हुए चकरभाठा, नर्मदानगर चौक-रेलवे स्टेशन-नर्मदानगर चौक, बस स्टैंड-नर्मदानगर चौक-बस स्टैंड व बस स्टैंड-अपोलो अस्पताल शामिल हैं। साथ ही विज्ञापन, पास सेवा, ग्लोबल प्रोजेक्शन सिस्टम (जीपीएस) का ठेका भी दिया जा चुका है।

60 बस स्टैंड भी बनेंगे :
सात रूटों में से शहर की 109 जगहों पर बस रुकेगी। इनमें से 60 जगहों पर बस स्टाप बनाने की तैयारी की जा रही है। इनमें ऐसी जगहों को चुना जाएगा, जो व्यस्त इलाके नहीं हैं या फिर जहां सड़कों पर पर्याप्त जगह है। ये बस स्टाप भी अत्याधुनिक होंगे। इनमें डिस्प्ले की व्यवस्था रहेगी, जिससे बस की स्थिति, आने का समय आदि लगातार प्रसारित किया जाएगा। इसके अलावा इनमें विज्ञापन भी किए जाएंगे। इनका माडल तैयार कर लिया गया है।





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