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450 छात्रों का भविष्य यूनिवर्सिटी में ‘गिरवी’

बिलासपुर. गुरु घासीदास यूनिवर्सिटी के एसटीएससी सेल में छात्रवृत्ति की राशि नहीं आने के कारण प्रशासन ने करीब 450 छात्रों की अंकसूची रोक दी है। दूसरे शब्दों में यह कहना गलत न होगा कि प्रशासन ने अंकसूची रोकी नहीं, बल्कि गिरवी रखी है, जो राज्य शासन से छात्रवृत्ति की राशि मिलने के बाद मुक्त कर दी जाएगी।

यूनिवर्सिटी प्रशासन के अनुसार रोकी गई अंकसूची 2002 व इसके बाद की है, लेकिन सूत्र बताते हैं कि इनमें कुछ 1997 के बैच वाली अंकसूची भी शामिल है। एसटीएससी सेल के अंतर्गत छात्रवृत्ति के लिए ऐसे छात्रों का नाम भी जोड़ दिया जाता है, जो घर से सक्षम हैं।

ऐसे छात्रों ने राज्य शासन से छात्रवृत्ति राशि नहीं आने या लेटलतीफी होने पर अपने घर से राशि की व्यवस्था कर यूनिवर्सिटी में फीस जमा कर दी और अपनी अंकसूची प्राप्त कर ली। आज वे अच्छी संस्थाओं में अच्छे वेतन पर नौकरी कर रहे हैं। इसके ठीक विपरीत ऐसे छात्र जिन्होंने केवल छात्रवृत्ति के बल पर यूनिवर्सिटी में प्रवेश लिया था, वे आज तक छात्रवृत्ति राशि की बाट जोह रहे हैं, ताकि राशि आने पर वे प्रशासन के पास गिरवी रखी अपनी अंकसूची मुक्त करा सकें।

क्या है एसटीएससी सेल?
ऐसे छात्र जो अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के हैं, उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ एसटीएससी सेल से दिया जाता है। छात्रवृत्ति के लिए भी फार्म भराने से लेकर सारी प्रक्रिया सेल में ही कराई जाती है।

क्यों नहीं मिल रही छात्रवृत्ति?
सेल के अंतर्गत ऐसे अनेक छात्रों को भी फार्म भरवा दिया गया था, जो आर्थिक दृष्टि से सुदृढ़ हैं। इसके अलावा छात्रवृत्ति के लिए भरे जाने वाले फार्म में त्रुटियां होने पर वे फार्म निरस्त कर दिए गए, जिन्हें दोबारा नहीं भराया गया। ऐसी स्थिति में शासन ने आपत्ति वाले फार्मों की छात्रवृत्ति जारी नहीं की, जिससे छात्रों की अंकसूची रुक गई।

टेबल के नीचे से जारी हो गई दर्जनों अंकसूची :
फीस एवं छात्रवृत्ति के अभाव में सैकड़ों अंकसूची रोकी गई थी। धनाडच्य वर्ग ने फीस की रकम अदा कर अपनी अंकसूची जारी करा ली। इसी तरह कुछ अंकसूची लेन-देन करके गुपचुप तरीके से बिना फीस पटाए ही जारी करा ली गई है। इस बात को यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने भी स्वीकार किया है।

यह सच है कि छात्रों की अंकसूची रोकी गई है, लेकिन छात्रवृत्ति की राशि आने पर इनकी संख्या में लगातार कमी आ रही है। छात्रों की फीस या छात्रवृत्ति मिलने पर अंकसूची जारी कर दी जाएगी। गुपचुप तरीके से अंकसूची जारी हुई होगी, लेकिन मेरे आने के बाद से ऐसा नहीं हुआ है। - वीके एक्का, उपकुलसचिव (परीक्षा), प्रभारी एसटीएससी सेल





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