HomeNewsChhattisgarhBilaspur Bilaspur

झूठे हलफनामे पर मुकदमे की मांग

बिलासपुर. दुर्ग में फारेन लिकर लाइसेंस निरस्त करने संबंधी याचिका पर नोटिस का जवाब देते हुए मनीष सिंह भंडारी ने झूठा हलफनामा पेश करने के मामले में अदालत की अवमानना का आपराधिक मुकदमा चलाने की मांग हाईकोर्ट से की है। श्री भंडारी की ओर से उनके वकील वीजी तामस्कर ने प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी के लिए हाईकोर्ट से आदेश देने का भी निवेदन किया है।

गौरतलब है कि दुर्ग नगर पालिक निगम के वार्ड क्रमांक 49 के पार्षद भूपेंद्र ंिसंह, 51 से गायत्री साहू एवं वार्ड क्रमांक 52 के पार्षद अजय वर्मा ने वकील प्रितींकर दिवाकर के जरिए हाईकोर्ट के समक्ष याचिका प्रस्तुत कर मनीष सिंह के रायल रेस्टोरेंट एंड लाज, बोरसी का फारेन लिकर(एफएल-3) लाइसेंस निरस्त करने की मांग की।

याचिका में शराब दुकान का लाइसेंस नियमों की अनदेखी कर जारी करने तथा उसके रिहायशी इलाके में होने की वजह से उसे निरस्त करने की मांग की गई। याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस जगदीश भल्ला एवं जस्टिस सतीश अग्निहोत्री की युगलपीठ ने राज्य शासन, आबकारी आयुक्त, दुर्ग कलेक्टर, जिला आबकारी अधिकारी एवं मनीष ंिसंह भंडारी को नोटिस जारी किया था।

नोटिस का जवाब देते हुए मनीष ंिसंह भंडारी ने हाईकोर्ट से आग्रह किया कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की शराब-बंदी लागू करने की भावनाओं का आदर करते हुए याचिका की सुनवाई शराब-बंदी के लिए जनहित याचिका के तौर पर की जानी चाहिए। पक्षकार ने कहा कि जनहित याचिका शराब ठेका निरस्त करने या प्राप्त करने जैसे मसलों पर नहीं सुनी चाहिए।

ऐसी याचिकाओं से महात्मा गांधी की भावनाओं का निरादर होता है। श्री भंडारी की ओर से स्पष्ट किया गया कि उसके नाम शराब दुकान का लाइसेंस जारी नहीं किया गया है। इस मामले में उनके खिलाफ हाईकोर्ट में झूठा हलफनामा पेश करने पर आपराधिक मुकदमा चलाना चाहिए।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: