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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior शिवपुरी. जिला अस्पताल में हंगामा बरपाने और शासकीय कार्य में बाधा डालने संबंधी मामले में सिटी कोतवाली में नामजद हुईं कांग्रेस नेत्री पोहरी की जनपद पंचायत सदस्य और मप्र झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ की अध्यक्ष रामकली चौधरी ने सोमवार को अपने ऊपर दर्ज किए गए अपराध को राजनीति व षडयंत्र करार दिया है।
उन्होंने आरोप लगाया है कि ये सब पोहरी विधायक हरिवल्लभ शुक्ला व कर्मचारी नेता चंद्रशेखर शर्मा बाबूजी, अशोक सक्सेना के दबाव में किया गया है। श्रीमती चौधरी ने चेतावनी दी है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर प्रसूताओं से अवैध वसूली में लिप्त दोषी एएनएम व नर्सो के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वे अनशन करेंगी।
गौरतलब है कि 20 नवंबर की रात्रि जिला अस्पताल में कांग्रेस नेत्री रामकली चौधरी ने अस्पताल में हंगामा खड़ा कर प्रसूताओं से अवैध वसूली के आरोप एएनएम अरुण भारती व अन्य नर्सो पर लगाया था। साथ ही प्रसूताओं के हस्ताक्षर कराकर एक लिखित शिकायत सिविल सर्जन डा. एसके कुमरा को दी थी। इस पर कार्रवाई करने के बजाय दो रोज पूर्व एएनएम एवं नर्स की लिखित शिकायत पर सिटी कोतवाली पुलिस ने रामकली के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली।
सोमवार को एक पत्रकारवार्ता में रामकली चौधरी ने कहा कि 20 नवंबर को उसकी देवरानी मचला पत्नी अवतार सिंह निवासी कनाखेड़ी पोहरी को प्रसव के लिए अस्पताल में दाखिल कराया गया था, जहां उन्होंने देखा कि प्रसूताओं से नर्से 300-400 रुपए वसूल रही हैं। इसका उन्होंने विरोध किया। श्रीमती का आरोप है कि इस मामले की जांच कराने के बजाय प्रशासन ने पोहरी विधायक हरिवल्लभ शुक्ला व कर्मचारी नेताओं के दबाव में उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज करा दिया है।
कांग्रेस नेत्री श्रीमती चौधरी का कहना है कि मेरी छवि को खराब करने के लिए मुझ पर यह भी आरोप मढ़ा गया है कि मैंने शराब पीकर नशे में अस्पताल में हंगामा किया, जबकि यदि ऐसा होता तो तत्काल ही पुलिस ने मेरा मेडिकल परीक्षण क्यों नहीं कराया.? उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच के लिए उनके द्वारा एसपी दिनेशचंद्र शर्मा को लिखित आवेदन दिया था, जिस पर उन्होंेने एसडीओपी को जांच के लिए कहा है। जबकि दूसरी ओर नर्सो पर मानहानि का प्रकरण दर्ज कराने के लिए उन्होंने कोर्ट के माध्यम से नोटिस भेजा है।
रामकली का कहना है कि यदि जल्द ही इस मामले में दूध का दूध और पानी का पानी नहीं हुआ तो वे 1 दिसंबर से अनशन पर बैठ जाएंगी। पत्रकारवार्ता में महेन्द्र शर्मा व अन्य कांग्रेसी नेता मौजूद थे। उनका कहना था कि यह दलित महिला नेत्री पर भाजपा नेताओं और कर्मचारी नेताओं के दबाव में कराई गई कार्रवाई है, जो पिछले माह रामकली और हरिवल्लभ शुक्ला के बीच हुए विवाद का बदला कहा जा सकता है।