अंता (बारां). सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिलने से खफा किसानों ने सोमवार को पलायथा ब्रांच (नहर) के गेट जबरन खोल दिए। प्रशासन ने नहर को 23
नवंबर को बंद कर दिया था। नाराज किसानों ने प्रदर्शन और जमकर नारेबाजी भी की। किसानों का आरोप है कि टेल क्षेत्र में दो-तीन दिन ही पानी उपलब्ध हुआ। इस कारण लगभग 10 हजार बीघा भूमि की सिंचाई नहीं हो सकी।
एडीएम सियाराम मीणा, एएसपी एसएन खींची व एसडीओ रामगोपाल मीणा ने किसानों को समझाने के कई प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिली। किसान दोपहर करीब 12 बजे ट्रैक्टर-जीपों और मोटरसाइकिलों से पलायथा ब्रांच पहुंचे थे और अपने साथ गेट खोलने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी लाए थे।
उल्लेखनीय है कि किसानों ने प्रशासन को ज्ञापन देकर गेट खोलने की सूचना दे दी थी। इसको देखते हुए ब्रांच पर आरएसी के अलावा बारां, मांगरोल व सीसवाली थाना क्षेत्रों का पुलिस जाप्ता तैनात था।
कुछ नहीं कर सकता: मीणा
एडीएम सियाराम मीणा ने किसानों से कहा कि ब्रांच बंद करने का फैसला जयपुर का है। मेरे हाथ में कुछ नहीं है। किसान हितों का ध्यान रखा जाएगा। जल संसाधन विभाग के एक्सईएन अजय माथुर ने बताया कि उच्चधिकारियों के आदेश पर ब्रांच को बंद किया गया।
पानी नहीं मिला तो आंदोलन
भारतीय किसान संघ के प्रदेश मंत्री मदनगोपाल केवड़ा, कोषाध्यक्ष अमृत छजावा, शंकरलाल नागर व प्रांत सदस्य हेमराज यदुवंशी ने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए पानी की आवश्यकता है। पलायथा ब्रांच बंद करने का कदम अनुचित है। पानी नहीं मिला तो किसान आंदोलन करेंगे।
किसान हित को प्राथमिकता
कांग्रेस के संभागीय प्रवक्ता दिनेश यादव ने सरकारी फैसलों को अनुचित करार दिया है। यहां पूर्व विधायक शिवनारायण नागर, पूर्व जिला प्रमुख भरत मारन, सुनील गालव, कैलाश जैन, मोहनलाल मीणा, हंसराज मीणा, दिलीप शर्मा व ओम नागर भी मौजूद थे। नरेंद्र नंदवाना, दीनदयाल मीणा, देवीशंकर मालव, निर्मल माथोड़िया, महावीर माथोड़िया समेत अन्य कांग्रेस नेता भी मौजूद थे।