कंजोली. निसूरा गांव के प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र पर रविवार को आयोजित नसबंदी शिविर में एक गर्भवती महिला का नसबंदी ऑपरेशन कर दिया गया। हालांकि गर्भवती होने के कारण ऑपरेशन सफल नहीं हुआ, लेकिन अब सीजेरियन ऑपरेशन से ही महिला का प्रसव हो सकेगा।
गांव आखावाड़ा निवासी चानोदेवी जाटव को एक महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता शिविर में नसबंदी ऑपरेशन के लिए लाई। यहां डॉक्टरों ने बिना स्वास्थ्य जांच ही ऑपरेशन कर दिया। महिला चार माह की गर्भवती थी, इस कारण ऑपरेशन सफल नहीं रहा। ऑपरेशन असफल रहने पर डॉक्टरों को महिला के गर्भवती होने का पता लगा। डॉक्टरों ने बताया कि महिला को अब प्रसव के लिए भी सीजेरियन ऑपरेशन कराना होगा।
महिला के पति मदन जाटव ने कहा कि स्वास्थ्य कार्यकर्ता अपना लक्ष्य पूरा करने के लिए उसकी पत्नी को लालच देकर शिविर में ले गई थी। उसका कहना है कि उसकी आर्थिक स्थिति कमजोर है। डॉक्टरों की लापरवाही से उसके सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।
* महिला गर्भवती थी, इसलिए उसका नसबंदी ऑपरेशन सफल नहीं हुआ। अब सीजेरियन ऑपरेशन से ही उसका प्रसव हो सकेगा।
-डॉ. गजानंद, शिविर प्रभारी निसूरा
* नसबंदी से पहले स्वास्थ्य जांच की जानी थी। गर्भवती का ऑपरेशन नहीं किया जा सकता। इसकी जांच कराई जाएगी। इसके बाद पीड़िता को 25 हजार की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
-डॉ. रामलाल मीणा, उपमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, हिंडौनसिटी