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घर आया मेरा परदेसी..

जोधपुर. शहर में हेरिटेज व स्टार होटलों की मौजूदगी के बावजूद पर्यटक शहर की संकरी गलियों में स्थानीय लोगों के साथ रहना पसंद करते हैं। यही कारण है कि घर आया मेरा परदेसी..सूर्यनगरी के करीब 41 पेइंग गेस्ट हाउस इन दिनों हाउसफुल चल रहे हैं। संकरी गलियों में स्थानीय लोगों की भीड़ में पैदल घूमते विदेशी मेहमान अपने आप को सूर्यनगरी की संस्कृति की गोद में पा कर फूले नहीं समाते। यह बात दीगर है कि यहां ठहरने वाले टूरिस्ट अधिकांश स्टूडेंट्स या इकोनॉमी क्लास में ट्रेवल करने वाले मध्यम वर्गीय विदेशी होते हैं। लेकिन कई बार पांच सितारा होटलों में ठहरे टूरिस्ट्स भी एकाध दिन या रात पीजी हाउसेज में गुजारने के मुरीद होते हैं।

मेहरानगढ़ की तलहटी में बसे हुए किलीखाना, मकराना मोहल्ला, लायकान मोहल्ला तथा नयाबास आदि वे गलियां हैं, जिनमें शहर के अधिकांश पीजी हाउस हैं। घंटाघर से वॉकिंग डिस्टेंस पर स्थित तथा मेहरानगढ़ व जसवंत थड़ा के लिए पैदल चलते हुए थोड़ी बहुत चढ़ाई के बाद पहुंच सकने की उपलब्धता के चलते यहां के पीजी हाउस में सीजन में ही नहीं ऑफ सीजन में भी विदेशी पर्यटकों की चहल पहल रहती है।

हाल ही में पीजी हाउस की छत पर से पतंगबाजी करते हुए विदेशी टूरिस्ट के गिर जाने सहित पीजी हाउसेज में ठहरे न्यूजीलेंड के दो टूरिस्टों ने नशे की हालत में स्थानीय लोगों से उलझने की घटनाओं ने यहां रहने वालों को थोड़ा विचलित कर दिया था, लेकिन एक ओर पीजी हाउस के संचालक इसे महज इत्तफाक मानते हैं वहीं मोहल्ले वालों को विदेशी पर्यटकों से किसी तरह का परहेज नहीं है।

अक्टूबर माह में सूर्यनगरी में पर्यटन के लिए आए 14549 पर्यटकों में से सबसे ज्यादा फ्रांस के पर्यटक भारत आए।

खाना- पीना, घूमना और क्या..
पर्यटकों को क्या चाहिए, ठहरने को कमरा, खाना खाने के लिए रेस्टोरेंट और घूमने के लिए छोटा-मोटा साधन या फिर पैदल ही काफी कुछ देखने की सुविधा। यह कहना है हंगरी से आए रिसर्च स्टुडेंट यानोश का निसंदेह अपने दो अन्य साथियों पीटर व डाबोर के साथ भारत भ्रमण के लिए आए इन युवाओं के लिए पांच सितारा होटल में ठहरना मुश्किल था।

मकराना मोहल्ला स्थित एक पीजी हाउस के रूफ टॉप रेस्टोरेंट में लंच करते हुए दूर उम्मेद भवन की ओर इशारा करते हुए पीटर कहते हैं, अगली बार जब जोधपुर आउंगा तो शायद उस होटल में ठहर सकूंगा। घंटाघर बाजार देखने जाने वाले टूरिस्ट सड़क पर कई जगह कचरे का ढेर देख कर ठिठकते हैं, कुछ अपने कैमरे निकाल कर कचरे की तस्वीर भी उतारते हैं। ग्रुप में आपस में बातचीत करते हुए बतियाते हैं इट्स आलसो हैरिटेज।

वर्ष 2007 में होटलों व पीजी हाउसेज में ठहरे टूरिस्ट
- होटलों में- पीजी हाउस में
- भारतीय- विदेशी- भारतीय- विदेशी
अक्टूबर में- 38011- 13228- 224- 1321
अब तक - 306459- 68414- 1371- 8565





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