कोटा. डकनिया रेलवे स्टेशन से दाढ़देवी स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक पर पेट्रोलिंग कर रहे गैंगमैन की अज्ञात युवक ने तलवार से हत्या कर दी। हमलावर ने मृतक के साथी गैंगमैन पर भी वार किया, लेकिन लाठी के कारण वह अपनी जान बचाने में सफल रहा। हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला।
पीडब्ल्यूआई साउथ के डकनिया स्टेशन मुख्यालय के चार गैंगमैन अलाउद्दीन, धन्नालाल, केशव व कुबेर रविवार देर रात तीन बजे डकनिया से दाढ़देवी स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक पर पेट्रोलिंग कर रहे थे। वारदात के प्रत्यक्षदर्शी धन्नालाल (45) ने बताया कि पेट्रोलिंग करते समय अलाउद्दीन के पीछे वह चल रहा था। अन्य दोनों साथी करीब 500 मीटर दूर थे। भामाशाह मंडी के पीछे की तरफ सुनसान स्थान पर अचानक एक युवक दौड़ता हुआ आया और उसने अलाउद्दीन के सिर पर तलवार से दो-तीन वार किए।
यह सब कुछ इतने अप्रत्याशित रूप से हुआ कि अलाउद्दीन कुछ भी नहीं कर सका। अलाउद्दीन निहत्था था। उसके बाद हमलावर उसकी तरफ लपका। धन्नालाल के पास लाठी थी, जिससे उसने तलवार के वार को रोका।
मुकाबला होते देख हमलावर अंधेरे में झाड़ियों की तरफ भागकर आंखों से ओझल हो गया। धन्नालाल के शोर मचाने पर उसके दो अन्य साथी भी मौके पर पहुंचे। तीनों ने अलाउद्दीन को तत्काल रेलवे अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर सोमवार सुबह 8 बजे उसे महाराव भीमसिंह अस्पताल में रैफर कर किया गया, जहां कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई।
वारदात की सूचना मिलते ही एएसपी राजकुमार, उप अधीक्षक पवन जैन, प्रशिक्षु आरपीएस धर्मेन्द्र कुमार, आरपीएफ के एसआई खेमचंद शर्मा व रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उद्योगनगर पुलिस ने अज्ञात युवक के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
हत्यारा कौन? लोहा चोर या दुश्मन उद्योगनगर पुलिस का अनुमान है कि हमलावर या तो कोई लोहा चोर है या फिर मृतक से उसकी कोई दुश्मनी रही होगी।
रेलवेकर्मियों के अनुसार अलाउद्दीन 1984 से यहां कार्यरत था और आज तक उसका किसी से झगड़ा नहीं हुआ। पुलिस मृतक के साथियों से भी पूछताछ कर रही है। अलाउद्दीन कोटा में अकेला ही रहता था। उसका परिवार सवाईमाधोपुर के पिलवानदी गांव में रहता है।
तीन घंटे टली कार्रवाई
अलाउद्दीन पर हमले का स्थान पहले विज्ञाननगर थाना क्षेत्र माना जा रहा था। विज्ञाननगर के एसआई भगवान सहाय कार्रवाई करने मुर्दाघर भी पहुंच गए थे, लेकिन बाद में पता चला कि यह उनके सीमा क्षेत्र का मामला नहीं है। बाद में अधिकारियों ने घटनास्थल देखा और तय किया कि मामला उद्योगनगर थाना क्षेत्र का ही है। इस प्रकार तीन घंटे बाद उद्योगनगर थाने से एएसआई सुरेश चंद्र मुर्दाघर पहुंचे और मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम करवाया।