नई दिल्ली/ कोलकाता. राजस्थान सरकार के हाथ खींचे जाने के बाद बांग्लादेश की विवादित लेखिका तस्लीमा नसरीन को केंद्रीय एजेंसी आईबी के अधिकारी देर रात
अज्ञात स्थान की ओर ले गए हैं। न्यूज चैनलों के मुताबिक उन्हें विदेश भेजा जा सकता है।
इससे पूर्व तस्लीमा मामले में माकपा ने कहा था कि वे अपनी मर्जी से जयपुर गई थीं, लेकिन लेखिका ने माकपा के दावे को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि उनसे पहने हुए कपड़ों में ही तत्काल कोलकाता छोड़ने के लिए कहा गया था। माकपा पोलित ब्यूरो सदस्य सीताराम येचुरी ने यहां सोमवार को कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार ने तस्लीमा को कोलकाता छोड़ने के लिए नहीं कहा। उन्होंने यह भी कहा कि तस्लीमा के वीजा की अवधि बढ़ाने का फैसला केंद्र सरकार को करना है। यह किसी राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र का मामला नहीं है।
तस्लीमा नसरीन ने कहा कि उन्हें पहने हुए कपड़ों में ही कोलकाता छोड़ने के लिए कहा गया था। दिल्ली से एक बंगाली चैनल को फोन पर इंटरव्यू में उन्होंने कहा, ‘मैं खुद राजस्थान जाने का निर्णय क्यों लूंगी? मुझे ऐसा करने को कहा गया था।’
उधर राज्यसभा में तस्लीमा का मामला उठाते हुए राम जेठमलानी ने कहा कि जिस तरह से उन्हें इधर से उधर किया जा रहा है, वह शर्म की बात है। तस्लीमा को पूर्ण सुरक्षा देने की मांग करते हुए वरिष्ठ वकील ने कहा कि तस्लीमा और मशहूर पेंटर एमएफ हुसैन के मामलों से सरकार को एक ही तरह से निपटना चाहिए।