जालंधर. राज्य में लगे एंट्री टैक्स को वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने नए तरीके से परिभाषित किया है। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि एंट्री टैक्स राज्य के व्यापारियों और उद्यमियों पर कोई नया बोझ नहीं, बल्कि यह तो सिर्फ ‘शिफ्टिंग ऑफ वैट’ है।
सरकार जो वैट सेल के बाद लेती थी, अब उसका कुछ हिस्सा एंट्री टैक्स के रूप में सेल से पहले ले लिया जाएगा। टैक्स चोरी रोकने के लिए भी एंट्री टैक्स लगाया गया है। उन्होंने कहा कि आयरन, स्टील, केमिकल्स, यार्न, फाइबर पर लगा एंट्री टैक्स रिफंडेबल है और इसे वैट में एडजस्ट किया जाएगा, जबकि शुगर पर लगा एंट्री टैक्स नॉन रिफंडेबल है।
ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि पंजाब के शुगर मिल मालिक दूसरे राज्यों के मुकाबले में आ सकें। एंट्री टैक्स के लागू होने पर कच्चे माल के दाम में हुई बढ़ोतरी के सवाल को वित्तमंत्री टाल गए।
संसाधनों में बढ़ो़तरी पर विचार वित्तमंत्री ने कहा कि 28 नवंबर को हो रही को-आर्डिनेशन कमेटी की बैठक में संसाधनों में बढ़ोतरी पर विचार किया जाएगा। उधर, दासूहा में मनप्रीत ने कहा कि सीमावर्ती जिले हमारे शो केस हैं। यहां एक समारोह में शिरकत करने आए वित्तमंत्री खुद इनोवा चला कर पहुंचे।