महाराष्ट्र.
महाराष्ट्र में एड्स बेहद खतरनाक रूप से बढ़ रहा है इस बात का अंदाज सिर्फ इसी तथ्य से लगाया जा सकता है कि प्रदेश में करीब 60,000 लोग ऐसे है जिनको एड्स अपनी चपेट में पूरी तरह ले चुका है, वहीं 2 लाख 85 हजार लोग एचआईवी प्रभावित बताए जा रहे है। ये समस्त आकड़े अपर हाउस में बताए गए हैं। महाराष्ट्र की स्वास्थ्य मंत्री विमल मुंधदा का कहना है कि एड्स की वर्तमान स्थिति प्रदेश में चेतावनी की तरह है और हमें इसके प्रसार को रोकनें के लिए अपने प्रयासों को जाचंकर कार्य में तेजी लानी होगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य के यवतमाल जिले में एचआईवी प्रभावित 184 बच्चों की स्वास्थ्य जांच पर पाया गया कि इनमें से 169 बच्चे ऐसे है जो एड्स की गिरफ्त में पूरी तरह आ चुके हैं।
रोकथाम के उपाय
>> स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार राज्य में 115 स्वयंसेवी संगठन ऐसे है जो एड्स जागरूगता अभियान को नाको के साथ मिलकर चला रहें है ।
>> 11 विधायकों की टीम अगस्त 2007 में यह जानने के लिए गठित की गई है जो राज्य में एड्स की वर्तमान स्थिति का आकलन कर रही है ।
>> राज्य में एड्स के प्रति लोंगो में जागरूकता बढ़ाने और उससे जुड़े इलाज की जानकारी देने के लिए राज्य भर में कुल ६७८ काउंसलिंग और डायग् नोस्टिक केंद्र बनाए गए है ।
>>17 एंटी रेट्रोवाइरल केद्र तथा एसटीडी बीमारियों की रोकथाम के लिए 96 केद्र बनाए गए है ।
>> राज्य में कुल 252 बल्ड बैंक है और यहां पर रक्त की कड़ी जांच पड़ताल के बाद ही रक्त को रखा जाता है।