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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. पीएससी ने अपने पूर्व परीक्षा नियंत्रक की पदोन्नति पर ब्रेक लगा दिया है। उसने इस आधार पर पदोन्नति देने से मना कर दिया कि उनके खिलाफ विभागीय जांच चल रही है। खबर है कि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा भेजा गया उनके नाम का लिफाफा खोला ही नहीं गया।
उच्च शिक्षा विभाग ने हाल ही में पीएससी के जरिए 300 से अधिक सहायक प्राध्यापकों को पदोन्नत कर प्रोफेसर बनाया है। इनमें पीएससी के पूर्व परीक्षा नियंत्रक डा. बीपी कश्यप का नाम भी पदोन्नति के लिए भेजा गया था। उल्लेखनीय है कि डा. कश्यप के खिलाफ पीएससी की परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोपों से संबंधित मामलों की जांच शासन जांच आयोग द्वारा करवा रहा है।
अधिकारियों के मुताबिक विभाग को यह मालूम था कि नियमानुसार जिस कर्मचारी के खिलाफ डीई चल रही हो उसे पदोन्नति नहीं दी जा सकती। इसके बावजूद उनका नाम भेजा गया। अफसरों ने बताया कि पीएससी ने विभाग के इस तर्क को ठुकरा दिया दिया डा. कश्यप को डीपीसी 2005 की स्थिति में दी जा रही है। इस अवधि में उनके खिलाफ डीई के आदेश नहीं हुए थे।
पीएससी ने अपने पत्र में लिखा है कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि 2005 में उनके खिलाफ डीई नहीं चल रही थी। नियमानुसार पदोन्नति की प्रक्रिया के दौरान और आदेश जारी होने के समय कर्मचारी के खिलाफ किसी भी प्रकार की जांच या निलंबन की स्थिति में कर्मचारी को इसका लाभ नहीं दिया जा सकता।