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जयपुर. श्यामपुरी इलाके में दूषित पानी ने मंगलवार को एक जान और ले ली। श्यामपुरी के 45 वर्षीय दीपचंद नकवाल की मौत मंगलवार तड़के एसएमएस अस्पताल में हुई। मृतक के परिजनों व स्थानीय बाशिंदों के मुताबिक, दीपचंद को पहले से सांस की बीमारी थी, लेकिन दूषित पानी के कारण उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई तथा उल्टी-दस्त हुए। वहीं प्रशासन व चिकित्सा विभाग दीपचंद की मौत को स्वभाविक करार दे रहा है। दीपचंद की तबीयत खराब होने पर उसे रविवार को एसएमएस अस्पताल में भर्ती करवाया था।
मृतक के भाई पवन नकवाल का कहना है कि दूषित पानी पीने के कारण दीपचंद को एक सप्ताह से उल्टी-दस्त हो रहे थे। मृतक के बेटे राजू नकवाल ने आरोप लगाया कि जलदाय विभाग की दूषित पानी सप्लाई ने उसके सिर से पिता का साया छीन लिया है। परिवार के सामने अब रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। हमने कर्ज लेकर पिता का इलाज करवाया था। इस बीच, स्थानीय बाशिंदों ने दीपचंद के परिजनों को दो लाख रुपए का मुआवजा देने की मांग की है।
कॉलोनी के बुजुगरे का कहना है कि पहले कभी भी ऐसी बात नहीं हुई। इसके लिए दूषित सरकारी पानी देने वाले ही जिम्मेदार है। दोषियों के खिलाफ मुकदमा दायर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि दीपचंद की मौत ने चिकित्सी विभाग के घर-घर जाकर सर्वे करने व दवाइयां देने की पोल खोल दी है। कॉलोनी में दूषित पानी का कहर सबसे ज्यादा बुजुगरे, बीमारों व बच्चों पर टूटा है। इलाके में बीमारों की संख्या अभी भी सौ से ज्यादा है। इनमें आधा दर्जन से ज्यादा बुजुगरे व बीमारों की हालत गंभीर है।
पानी से मौतों का मामला राजनीतिक स्टंट : दिगंबर
जयपुर
चिकित्सा मंत्री डॉ. दिगंबर सिंह का कहना है कि जयपुर में न तो प्रदूषित पानी से कोई मौत हुई, न ही मौसमी बीमारियों व डॉक्टरों की लापरवाही से। उनका कहना है कि जयपुर में कथित दूषित पानी से मच रहा बवाल केवल राजनीतिक स्टंट है।
मंगलवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में सिंह ने कहा कि जिन तीन लोगों की मौत दूषित पानी से होना बताया जा रहा है, उनमें एक बुजुर्ग अस्थमा से पीड़ित था। एक बच्ची को उसके परिजन दिखाने ही नहीं ले गए व एक बच्ची की मौत एनीमिया से हुई।
उन्होंने बताया कि सोमवार तक प्रदूषित जल की समस्या वाली बस्तियों में लगाए गए शिविरों में 1921 लोगों का इलाज किया गया। इनमें से 65 पीड़ितों को रेफर किया गया।