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जेल में छापा, कैदियों के पास मिले मोबाइल

जयपुर. केंद्रीय कारागार में बंद कुछ अपराधियों द्वारा मोबाइल फोन तथा अन्य प्रतिबंधित चीजों का उपयोग करने की पुष्टि हो गई है।

सोमवार रात को महानिदेशक (डीजी-जेल) के निर्देशन में बनी स्पेशल टीम ने जेल में छापा मारा तो वार्ड नंबर 9 तथा 13 में सात मोबाइल, एक एफ एम रेडियो, मोबाइल चार्जर तथा साढ़े 1200 रुपए नकद बरामद किए गए। विचाराधीन कैदियों को ये सामान जेल प्रहरियों की मिलीभगत से पहुंचाने की बात सामने आई है। ऐसे प्रहरियों के बारे में जांच-पड़ताल की जा रही है।

डीजी पीके तिवारी ने बताया कि उप महानिरीक्षक मुकुट बिहारी पुरोहित के नेतृत्व में रात करीब सवा 8 बजे से साढ़े 12 बजे तक चली इस कार्रवाई में करीब 700 कैदियों की तलाशी ली गई।

दो मोबाइलों में सिम कार्ड, 5 में नहीं: तलाशी के दौरान वार्ड नंबर 9 से पांच तथा वार्ड 13 से दो मोबाइल मिले। इनमें से पांच मोबाइलों में सिम नहीं थी, जबकि जिन दो मोबाइलों मेंसिम मिली, उनमें से एक में ही आउटगोइंग चालू थी। जेल अधिकारियों का मानना है कि संभवतया पांचों मोबाइल की सिम उस व्यक्ति के पास हैं, जो मोबाइल से अपराधियों की बात करवाता है। जिस मोबाइल में सिम थी, उसकी कॉल डिटेल निकलवाई जा रही है।

बाथरूम तथा मिट्टी में दबे थे: तलाशी के दौरान मोबाइल तथा नकदी बाथरूम व वार्ड के अंदर मिट्टी में दबे मिले। जिस वार्ड में मोबाइल मिले हैं, उसमें रहने वाले अपराधियों से पूछताछ की गई, लेकिन उन्होंने किसी तरह की जानकारी होने से मना कर दिया।

प्रदेश भर की जेलों में होगी जांच:तिवारी ने बताया कि इस तरह की जांच अब प्रदेशभर की जेलों में की जाएगी। प्रदेश की कई जेलों से अपराधियों द्वारा मोबाइल एवं अन्य सामान उपयोग में लेने की शिकायतें मिल रही हैं। 2005 में भी तीन टीमों का गठन कर प्रदेश भर की जेलों की जांच की गई थी। इसके बाद 14 प्रहरियों को रिटायरमेंट दे दिया गया था।

जेल महानिदेशक पीके तिवारी से सवाल-जवाब:
* जेल में मोबाइल, एफ.एम., नकदी मिली है, क्या बिना मिलीभगत के अपराधी ये सब अंदर ले जा सकते हैं ?
-रोजाना पेशी के लिए जेल से कोर्ट जाने वाले अपराधियों को कोर्ट परिसर में पुलिस की नजरें बचाकर भी तो ये चीजें उपलब्ध कराई जा सकती हैं। मिलीभगत की जांच की जा रही है।

* जब्त मोबाइल फोन से कहां-कहां बात की गई थी?
-कॉल डिटेल निकलवाई जा रही है। मोबाइल के ईएमआई नंबरों के आधार पर पता लगाया जा रहा है कि ये किसके नाम से खरीदे गए हैं।

* अपराधियों के पास मोबाइल मिलने का मतलब वे जेल से ही अपने गिरोह का संचालन कर रहे हैं?
-जेल में तो मोबाइल मिले हैं तो अपराधी निश्चित रूप से बाहर बात करते होंगे। अब सामने आ जाएगा कि कहां, क्या-क्या होता है।

* जेल में हथियार, नशे की चीजें या अन्य प्रतिबंधित चीजें भी जाती होंगी। जेल की गोपनीय बातें भी बाहर घूम रहे अपराधियों तक पहुंचती होंगी ?
—मैंने एक नवंबर को डीजी जेल का पदभार ग्रहण किया है। शिकायत मिली थी, तो कार्रवाई होना वाजिब था। मैं इस बात से भी इनकार नहीं कर रहा कि गोपनीय बातें भी बाहर अपराधियों तक पहुंचती होंगी।

* क्या किसी जेल सुरक्षाकर्मी का नाम सामने आया है या फिर किसी के खिलाफ कार्रवाई की गई है?
-जांच की जा रही है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। निर्दोष के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी।





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