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जयपुर. शहर की अधीनस्थ अदालतों ने राष्ट्र ध्वज के अपमान और एससी-एसटी एक्ट के दो मामलों में राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) के अध्यक्ष ललित मोदी पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। तिरंगे के अपमान संबंधी मामले में आरसीए के डिप्टी प्रेसीडेंट डॉ. बिमल सोनी व सचिव सुभाष जोशी पर भी मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया गया है।
नागरिक मोर्चा के अध्यक्ष कमलेश शर्मा ने इस मामले में परिवाद पेश किया था। इसमें बताया गया था कि 18 नवंबर को भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान एसएमएस स्टेडियम में विदेशी दर्शकों ने तिरंगे पर शराब के गिलास रखे, आबकारी अधिनियम के विपरीत सार्वजनिक रूप से मदिरापान किया।
ये दृश्य 20 नवंबर को भास्कर टीवी सहित अन्य चैनलों पर पर दिखाए गए। मैच आयोजक ललित मोदी, विमल सोनी, सुभाष जोशी ने भी उन्हें नहीं रोका। यह अपराध की श्रेणी में आता है और इसमें तीन साल की सजा का प्रावधान है। अदालत से आरसीए के पदाधिकारियों सहित फोटो में दर्शाए गए दर्शकों को दंडित करने का अनुरोध किया गया है। अदालत ने इसे ज्योतिनगर थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया।
एससी-एसटी एक्ट में भी मामला दर्ज करने का आदेश : सांगानेर निवासी लालचंद करोल ने मोदी व जोधपुर में तैनात पुलिस इंस्पेक्टर देवेन्द्र सिंह के खिलाफ अदालत में एससी-एसटी एक्ट के तहत इस्तागासा पेश किया था। इसमें बताया गया था कि वह 10-10 हजार के टिकट लेकर अपने मित्र के साथ एसएमएस स्टेडियम में मैच देखने के लिए गया था। स्टेडियम में उनकी सीट पर पुलिस अधिकारी बैठे थे। उन्होंने सीट पर नहीं बैठने दिया। जब इसकी जानकारी ललित मोदी को दी तो उन्होंने परिवादी को जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया और मारपीट की। इस पर अदालत ने ज्योतिनगर पुलिस को इस्तगासे के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया।
दूसरी ओर नागरिक मोर्चा के संरक्षक लोकेन्द्र सिंह कालवी ने आरोप लगाया है कि मोदी के लोग मोर्चे के पदाधिकारियों को मुकदमा वापस लेने के लिए प्रलोभन देने और धमकाने की कोशिश कर रहे हैं।