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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior शिवपुरी. शहर से करीब तीन किमी दूर देहात थानाक्षेत्र में झांसी रोड पर मोरों का शिकार कर उन्हें कार में रखकर ले जा रहे शिकारियों को जब एक फारेस्ट गार्ड ने रोका तो उन्होंने उसे गोली मार दी। यह घटना मंगलवार की सुबह करीब पौने पांच बजे हुई। फारेस्ट गार्ड के बांयें कंधे में र्छे लगने से वह घायल हो गया। उसे उपचार के लिए जिला चिकित्सालय में दाखिल कराया गया है।
इस मामले में दो व्यक्तियों के खिलाफ भादंवि की धारा 307 का मामला दर्ज किया गया है, जबकि पांच अज्ञात हैं। पर पुलिस की नजर में इस मामले में कई पेंच हैं, जो फरियादी की कहानी को संदिग्ध करार दे रहे हैं। पुलिस अफसर इस कहानी की परतें उधेड़ने में जुट गए हैं।
पुरानी शिवपुरी स्थित फारेस्ट कालोनी निवासी घायल फारेस्ट गार्ड शमशाद पुत्र घासी खां ने बताया कि बीते रोज वन संरक्षक पीके सिंह ने उन्हें मंगलवार को सुबह पांच बजे वन विद्यालय में ड्यूटी के लिए बुलाया था। आज सुबह करीब साढ़े चार बजे वह मोटरसाइकिल पर सवार होकर झांसी रोड की ओर से वन विद्यालय के लिए निकला।
इसी दौरान उसे करबला के निकट रोड पर एक स्कॉर्पियो कार खड़ी हुई दिखी जो उसे संदिग्ध नजर आई। वह जब कार चैक करने पहुंचा तो तो उसे कार के भीतर एक बोरा में बंद मोरों के शव नजर आए। इस पर उसने कार से मोरों से भरा बोरा बाहर खींच लिया, तभी कार से निकलकर जाहिद उर्फ बबलू पुत्र करीम खां निवासी पुरानी शिवपुरी व शिवकुमार शर्मा निवासी सलैया थाना अमोला आ गए।
इन दोनों ने उसके हाथ पकड़ लिए। फारेस्ट गार्ड शमशाद, ने बताया कि दोनों पूर्व से उसके परिचित थे। इस कारण जाहिद उर्फ बबलू ने उसे रिश्वत देने की कोशिश की और कहा कि सिपाही की कीमत हजार-दो हजार से अधिक नहीं होती है। पर जब उसने रिश्वत लेने से इनकार किया तो शिवकुमार ने बंदूक निकाल ली, जिसकी नाल उसने पकड़ ली । झूमाझटकी के बाद हमलावर ने गोली चलाई, जो फारेस्ट गार्ड शमशाद के बांये हाथ के कंधे में लगी।
इसके बाद शमशाद करबला की ओर भागा और हमलावर भी गाड़ी में सवार होकर निकल भागे। भदैयाकुंड पर आकर शमशाद ने अपने मोबाइल से वन संरक्षक श्री सिंह को दूरभाष पर उसके साथ घटित हुए घटनाक्रम की जानकारी दी। तब श्री सिंह मय बल के घटनास्थल पर पहुंचे और घायल फारेस्ट गार्ड को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय में दाखिल कराया गया।
घायल फारेस्ट गार्ड का कहना है कि शिकारी संख्या में सात थे, पर वह दो को ही नाम से जानता है। शेष पांच यदि उसके सामने आए तो वह उन्हें पहचान लेगा। देहात थाना पुलिस ने प्रथम दृष्टया शिवकुमार शर्मा व जाहिद उर्फ बबलू खां के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है, पर आला पुलिस अफसर घायल फारेस्ट गार्ड की कहानी पर संदेह जता रहे हैं।
इसकी कई वजह हैं, इनमें सबसे अहम यह है कि आरोपी शिवकुमार शर्मा का घायल फारेस्ट गार्ड से मकान विक्रय का कोई विवाद चल रहा है। एसडीओपी शिवपुरी एमएम मालवीय का कहना है कि शिवकुमार शर्मा को शमशाद खां ने मकान बेचे थे, जिसमें लेनदेन का विवाद है। इस कारण सभी बिंदुओं पर इस मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही हकीकत सामने लाई जाएगी। इसी सिलसिले में एसडीओपी श्री मालवीय और टीआई देहात रत्नेश सिंह तोमर ने घायल से जिला अस्पताल में गहन पूछताछ की।