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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर. मोहना थानाक्षेत्र में स्थित सहसारी गांव के सरपंच ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। सरपंच ने जहर सोमवार की शाम को खाया, उसकी मौत इलाज के दौरान अगले दिन सुबह हुई। सरपंच ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है जिसमें उसने लिखा है कि झगड़े के एक मामले में झूठा फंसाए जाने से वह संताप में था, इसी कारण वह आत्महत्या कर रहा है।
जानकारी के अनुसार, अमरलाल धाकड़ सहसारी का सरपंच था, जहरीला पदार्थ खाने से रात में उसकी हालत बिगड़ी तो परिजन उसे लेकर अस्पताल दौड़े और जेएएच में दाखिल करा दिया। अमरलाल के परिजनों को उसके पास से एक चिट्ठी मिली, जिसमें उसने लिखा है कि पिछले दिनों में गांव में दो पक्षों के बीच हुए झगड़े की पुलिस थाने में रिपोर्ट हुई तो उसमें उसका नाम झूठा लिखा दिया गया जबकि उसका इस झगड़े से लेना-देना नहीं था।
इस कारण उसे कुछ दिन हवालात में भी रहना पड़ा। सरपंच ने पत्र में यह भी लिखा कि इस घटना से वह परेशान है। जिंदगी भर उसने अच्छे काम किए, गांव वाले उसके अच्छे चरित्र को जानते हैं लेकिन बुढ़ापे में उस पर लगे इस आरोप से वह दुखी है। हवालात में रहने के कारण उसके माथे पर कलंक का टीका लग गया है। यह झूठा आरोप वह सहन नहीं कर पा रहा है।
चिट्ठी में उसने उन लोगों को भी संबोधित किया, जिनसे उसने कर्ज लिया था। इनके लिए उसने लिखा कि वे लोग उसके परिजनों से मूलधन ले लें और ब्याज में रियायत दें।
सरपंच की मौत की खबर सुनकर सहसारी गांव के निवासी पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए, ग्रामीणों का कहना था कि सरपंच अमरलाल धाकड़ अच्छा व्यक्ति था और गांव के प्रत्येक व्यक्ति की मदद करता था।
इस संबंध में पुलिस प्रवक्ता डा. पीके दुबे का कहना है कि सरपंच के आत्महत्या करने की बात मालूम चली है। पुलिस को सुसाइड नोट परिजनों के पास से मिला है। पुलिस पूरे मामले के साथ इस बात की जांच भी कर रही है कि मृतक सरपंच द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में कितनी सच्चई है।