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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर.प्रदेश में तम्बाकू उत्पाद का व्यवसाय छोटे-छोटे व्यवसायी अपनी आजीविका चलाने के लिए करते हैं। तम्बाकू व इसके उत्पाद का सेवन भी ज्यादातर गरीब तबका ही करता है। यह सब ज्ञात होते हुए भी मप्र शासन तम्बाकू एवं तम्बाकू उत्पाद की बिक्री पर 12.5 प्रतिशत की दर से वैट आरोपित कर रहा है। इस दर को कम करने अथवा इसकी समाप्ति की मांग को लेकर मप्र चेम्बर आफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री के पदाधिकारियों ने शासन को एक पत्र भेजा है।
मप्र चेम्बर आफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री के संयुक्त अध्यक्ष हेमंत गुप्ता, मानसेवी सचिव विजय गोयल, मानसेवी संयुक्त सचिव भूपेन्द्र जैन एवं कोषाध्यक्ष सुरेश बंसल ने संयुक्त रूप से बताया कि प्रदेश में तम्बाकू के आयात पर पूर्व से ही 2.5 प्रतिशत प्रवेश शुल्क तथा दो फीसदी कृषि उपज मंडी शुल्क लिया जा रहा है।
इस प्रकार तम्बाकू व तम्बाकू उत्पाद पर कुल कर 18 से 20 प्रतिशत तक हो जाता है जो अन्य राज्यों की तुलना में अत्यधिक है। प्रदेश के पड़ोसी राज्य गुजरात व कर्नाटक में तम्बाकू को वैट से मुक्त रखा गया है, जबकि छत्तीसगढ़ में तम्बाकू पर मात्र चार फीसदी वैट वसूला जा रहा है। वैट की दर में इतना अधिक अंतर होने के कारण प्रदेश में तम्बाकू व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
चेम्बर ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, वाणिज्यिक कर मंत्री बाबूलाल गौर, वाणिज्यिक कर आयुक्त इंदौर को पत्र भेजा है। पत्र में मांग की गई है कि तम्बाकू व तम्बाकू उत्पाद पर वैट दर अविलंब कम अथवा समाप्त की जाए।