Breaking News 
bhaskar Web English


HomeNewsChhattisgarhBilaspur Bilaspur

विलोपित होगी वीसी के खिलाफ टिप्पणी

बिलासपुर. हाईकोर्ट ने जग्गी हत्याकांड के फैसले में विशेष न्यायाधीश द्वारा विद्याचरण शुक्ल पर की गई टिप्पणी विलोपित करने का आदेश निचली अदालत को दिया है। श्री शुक्ल ने 18 जून को हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

पूर्व केंद्रीय मंत्री व एनसीपी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष विद्याचरण शुक्ल के खिलाफ मानहानि का दावा करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगने के लिए कहा था। श्री जोगी ने अपने दावे में जग्गी हत्याकांड में पुत्र अमित जोगी को दोषमुक्त करने वाले उस फैसले को आधार बनाया है, जिसमें श्री शुक्ल पर बदला लेने के लिए रिपोर्ट लिखवाने की टिप्पणी की गई है।

श्री शुक्ल ने हाईकोर्ट में दायर याचिका में जग्गी हत्याकांड के फैसले पर की गई टिप्पणी का दुरुपयोग करने और उससे राजनैतिक कैरियर समाप्त करने की साजिश का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि उन्हें सुने बिना जग्गी हत्याकांड के फैसले में उन पर टिप्पणी करने से उनकी प्रतिष्ठा को क्षति पहुंची है।

अविभाजित मध्यप्रदेश और अब छत्तीसगढ़ में उनकी व उनके परिवार की लंबी राजनैतिक पृष्ठभूमि रही है। उनके व परिवार के किसी भी सदस्य का कभी किसी अपराध से सरोकार नहीं रहा। याचिका में तर्क दिया गया है कि राकांपा के तत्कालीन प्रदेश कोषाध्यक्ष रामावतार जग्गी की हत्या के मामले में अमित ऐश्वर्य जोगी के खिलाफ चार्जशीट सीबीआई ने पेश की थी।

इस मामले में पुलिस एवं सीबीआई की कार्रवाई में उन्हें गवाह या प्रत्यक्षदर्शी के रूप में कभी नहीं बुलाया गया। फैसले में उनको लेकर की गई टिप्पणी से उन्हें आघात पहुंचा है। इससे पहले हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने सीबीआई को जवाब-तलब किया था। सोमवार को जस्टिस सुनील सिन्हा ने निचली अदालत को आदेश दिया है कि फैसले में श्री शुक्ल के खिलाफ की गई टिप्पणी विलोपित की जाए।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: