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धोखेबाज दूल्हे को बैरंग लौटाया

साल्हावास (झज्जर). हत्या के आरोप को छिपा कर धोखे से शादी करने पहुंचे एक दूल्हे और उसके भाई की बारात को बैरंग लौटना पड़ना। झामरी गांव में हत्या के आरोप में जेल में बंद दूल्हे व उसके भाई की बारात को वधू पक्ष ने पंचायत में जुर्माना देने तथा बिचौलिए के माफी मांगने के बाद वापस लौटा दिया। सोमवार को राकेश व सुनील की बारात झामरी गांव में दोपहर को पहुंचनी थी, किंतु शाम तक बारात नहीं पहुंची।

वधू पक्ष लगातार संपर्क किए जाने पर वर पक्ष की ओर से बारात लाने में बहानेबाजी होती रही। रात साढ़े दस बजे आखिरकार बारात गांव झामरी पहुंची। बारात में दूल्हा राकेश हथकड़ियों से बंधा था। वधू पक्ष के लोग यह नजारा देखकर हतप्रद रह गए। उन्होंने हथकड़ी का माजरा जानने के लिए साथ आए पुलिस कर्मियों से पूछा। एएसआई ने बताया कि आरोपी राकेश पिछले छह माह से भिवानी जेल में हत्या के आरोप में बंद है और उसे महज 12 घंटों के लिए पैरोल पर रिहा किया गया है।

वह भी पुलिस कस्टडी में शादी के लिए ही भेजा गया है। पूरा मामला जानने के बाद वधू पक्ष के लोग सकते में आगए। माहौल में अचानक तनाव देखकर अधिकांश बाराती मौके से रफूचक्कर हो गए। मामला सामने आने के बाद वधू पक्ष ने शादी से इंकार कर दिया। इस इंकार के हत्यारोपी दूल्हा अपने भाई के साथ लौटने लगा तभी गांव के लोगों ने बिचौलिए व लड़कों के पिता एवं रिश्तेदार को रात को बंधक बना लिया। पंचायत में वर पक्ष व बिचौलिए को सुनाई सजा बंधक बने वर पक्ष की ओर से एक रिश्तेदार, बिचौलिए रमेश व लड़कों के पिता ईश्वर को मंगलवार की सुबह प्रजापत बिरादरी व गांव के मौजिज लोगों सरपंच उर्मिला देवी, पूर्व सरपंच स्वरूप सिंह, गोरा सिंह, राजकर्ण आदि के सामने लाकर पंचायत की गई। पंचायत में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए वर पक्ष पर बारात के स्वागत के लिए खर्च हुए 65 हजार रुपए का भुगतान करने एवं बिचौलिए को सार्वजनिक रूप से पंचायत में एक टांग पर खड़े होकर कान पकड़ भविष्य में इस प्रकार की गलती न करने का फैसला सुनाया गया। फैसले के मुताबिक वर पक्ष की ओर से जहां खर्चा दिया गया वहीं बिचौलिए ने पंचायत में माफी भी मांगी। फैसले पर अमल करने के बाद ही वर पक्ष के लोगों को छोड़ा गया।

सोमवार को झामरी में ईश्वर को करना था दोनों बेटियों का कन्यादान गांव झामरी निवासी ईश्वर सिंह की दो बेटियां सुशीला व नीलम का गांव सिद्दीपुर लोवा निवासी ईश्वर के पुत्र राकेश व सुनील के साथ करीब 14 माह पूर्व 26 नवंबर को विवाह होना निश्चित हुआ था। इस दौरान एक दूल्हे राकेश पर भिवानी में हत्या का मामला दर्ज हुआ और वह भिवानी जेल में बंद था। लड़कियों के भाई अनिल ने बताया कि दोनों पक्षों को मिलाने वाले गांव गिजाड़ौद निवासी रमेश को हालांकि राकेश पर दर्ज हुए मामले का पता था, किंतु उसने यह बात उनसे छिपाई।





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