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कपड़ा व्यवसायी के घर से लाखों के जेवरात चोरी

बीकानेर. कपड़ा व्यवसायी के घर से लाखों के जेवरात चोरी चोरों ने ढढ्ढ़ों के चौक में कपड़ा व्यवसायी के मकान के ताले तोड़े और लाखों रुपए के जेवरात चुराकर फरार हो गए।

ढढ्ढ़ों का चौक निवासी ओमप्रकाश सेठिया अपने परिजनों के साथ 23 नवंबर को अपने मकान पर ताला लगाकर बाड़मेर में भांजी की शादी में शामिल होने के लिए रवाना हुए थे। उनका लड़का रमेश पड़ोस में ही रहता है जो बीकानेर में ही था। चोरों ने रविवार की रात को बंद पड़े मकान में सेंधमारी की। मकान के सभी कमरों के ताले तोड़े और सारा सामान खंगाल लिया। वहां रखी अलमारियों के ताले तोड़े और ढाई लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवरात व मोतियों का हार चुराकर फरार हो गए।

मकान मालिक सेठिया ने बताया कि मंगलवार को सुबह करीब छह बजे वह अपने मकान पर पहुंचे तो मुख्य द्वार पर ताला लगा हुआ था। उन्होंने पड़ोस में अपने बेटे रमेश को बुलाकर चाबी ली और ताला खोला। घर में गए तो प्रत्येक कमरे और अलमारियों का ताला टूटा हुआ था। चोर अलमारी में रखे करीब तीन-चार तोला सोने, दो किलो चांदी, एक मोतियों का हार व 600 रुपए नकद चुरा ले गए।

चोर घर के पिछवाड़े से अंदर घुसे थे क्योंकि मुख्य द्वार पर ताला लगा हुआ था। सूचना देने पर सिटी कोतवाली पुलिस थाने के कार्यवाहक प्रभारी सुमेरसिंह इन्दा व एएसआई महेन्द्रसिंह मौके पर पहुंचे और मुआयना किया। पुलिस ने चोरों की तलाश शुरू की है।

गौरतलब है कि रविवार की रात को ही कोतवाली थाना इलाके में डागा पिरोल के पास बुलाकीचन्द डागा के बंद पड़े मकान के ताले तोड़कर चोर लाखों रुपए का माल चुराकर ले गए थे। पुलिस को आशंका है कि दोनों वारदातों को एक ही गिरोह के लोगों ने अंजाम दिया है। पुलिस के अनुसार दोनों मकानों में अलमारियों को एक ही तरीके से तोड़ा गया है और मकानों के बीच में दूरी भी ज्यादा नहीं है।

कौन थे वो तीन
रविवार की रात को मोटरसाइकिल पर सवार तीन जनों को ओमप्रकाश सेठिया के मकान के पास देखा गया है। उनके हाथ में काले रंग के दो बैग भी थे। पुलिस को शक है कि उन तीनों ने ही दोनों घरों में चोरी की वारदातों का अंजाम दिया है। सेठिया ने बताया कि पुत्र रमेश व उसकी पत्नी ने रविवार की रात को मोटरसाइकिल पर सवार तीन जनों को देखा था। उन तीनों के जाने के बाद रमेश ने मकानके मुख्य द्वार की ओर देखा जहां ताला लगा हुआ था। इससे संतुष्ट होकर रमेश वापस चला गया और चोरी का पता नहीं चल सका।





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