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लेट हैं, तो हर्जाना दें

राजासांसी एयरपोर्ट ‘करे कोई, भरे कोई, यात्रियों का इसमें क्या कसूर है, अगर फ्लाइट लेट होती है तो इसकी जिम्मेदारी एयरलाइन वालों की है। अगर एयरलाइन को सचमुच यात्रियों की सुविधा का ख्याल है तो वह इस असुविधा के लिए हर्जाना दे।’

कपूरथला के वडालां कलां गांव के रहने वाले गुरदीप सिंह इतना कहते ही गुस्से से लाल हो उठते हैं। अमेरिका में रहने वाली अपनी बहन निरजंन कौर को राजासांसी एयरपोर्ट पर रिसीव करने आए गुरदीप सिंह कहते हैं कि फ्लाइट लेट होने का खमियाजा उन्हें भुगतना पड़ा। 13 घंटे परेशानी तो झेली ही, पार्किग में खड़ी गाड़ी के लिए चार गुना किराया भी अदा किया। पार्किग वालों ने चार घंटे के 120 रुपए के हिसाब से उनसे पैसे वसूले।

इसके अलावा विजिटर हॉल में तीन बार एंट्री फीस प्रति सदस्य 30 रुपए के हिसाब से भरनी पड़ी। उनका कहना था कि एयर इंडिया अगर यात्रियों से किराया लेती है, तो ऐसी स्थिति में यात्रियों को हर्जाना भी देना चाहिए। गुरदीप सिंह एयर इंडिया की उस फ्लाइट के यात्रियों के परिजनों में से हैं जो मंगलवार राजासांसी एयरपोर्ट पर निर्धारित समय से करीब 13 घंटे देरी से पहुंची।

एयर इंडिया की न्यूयॉर्क-लंदन-दिल्ली-अमृतसर फ्लाइट (एआई-112) के 95 यात्रियों को दिल्ली से विशेष विमान के जरिए राजासांसी एयरपोर्ट पहुंचाया गया। फ्लाइट के यात्रियों ने एयरलाइन पर उनके साथ किए गए र्दुव्‍यवहार के अलावा समय पर खाना न दिए जाने और कई घंटे जमीन पर बैठाने जैसे गंभीर आरोप लगाए।

यात्रियों ने एयरलाइन से हर्जाने की मांग करते हुए कहा कि जिस तरीके से उन्हें परेशान किया गया, वह सहन करने लायक नहीं था। एयरलाइन के कर्मचारियों ने दिल्ली एयरपोर्ट पर उन्हें अच्छी तरह ट्रीट नहीं किया। यात्रियों ने कहा कि दिल्ली में कोर्ट ने एक एयरलाइन को 15 हजार जुर्माना भरने का आदेश दिया। अब हमें भी हर्जाना चाहिए।

सोमवार रात 2.00 बजे राजासांसी एयरपोर्ट पर पहुंचने वाली इस फ्लाइट को कोहरे की वजह से सीधे दिल्ली ले जाना पड़ा था। एयरलाइन कर्मियों के व्यवहार से गुस्साए यात्रियों का कहना था कि वह भविष्य मे एयर इंडिया के विमान में यात्रा करने से पहले कई बार सोचेंगे।

बदतमीजी की और जमीन पर बैठाया न्यूयॉर्क से अपनी तीन बेटियों गुरबख्श, करमन, रजविंदर के साथ एयरपोर्ट पहुंची होशियारपुर के गांव गढ़दीवाल की गुरदेव कौर को उनके रिश्तेदार लेने आए हुए थे। गुरदेव कौर का कहना था कि वह पहली बार एयर इंडिया की फ्लाइट से सफर कर रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली एयरपोर्ट पर उन्हें दो घंटे तक जमीन पर बैठना पड़ा। यात्रियों के शोर मचाने और गेट को ठोकरें मारने के बाद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें वेटिंग हॉल में जाने दिया। इस दौरान न तो उन्हें अच्छा खाना मिला और न ही सही व्यवहार। एयर इंडिया यात्रियों से इसके लिए माफी मांगे और उनकी टिकटों के पैसे वापस करे। उन्होंने कहा कि वह भविष्य में एयर इंडिया की फ्लाइट में सफर नहीं करेंगी।

दिल की मरीज निर्मल कौर को रिसीव करने आया उनका बेटा अपनी मां की हालत देखकर खासा नाराज था। उनका कहना था कि सुविधाजनक सफर के लिए उन्होंने एयर इंडिया का चुनाव किया, लेकिन इसमें उनकी माता को बहुत परेशान होना पड़ा।

उन्हें कई घंटों तक इंतजार करना पड़ा। एयरपोर्ट पर खाने-पीने की चीजें इतनी महंगी हैं, जितनी किसी अच्छे रेस्टोरेंट में भी नहीं होती। मनचाही कीमत वसूलने वाले लोगों पर एयरपोर्ट अथारिटी की कोई लगाम नहीं है।

खेद जताया एयर इंडिया के मैनेजर अश्वनी अरोड़ा यात्रियों की सुविधा के लिए एयरपोर्ट पर मौजूद थे। उन्होंने बताया कि 118 यात्रियों को एयर इंडिया की विशेष फ्लाइट आईसी 882-डी से दिल्ली के लिए रवाना किया गया। उन्होंने यात्रियों से देरी के लिए खेद भी जताया। उन्होंने कहा कि फ्लाइट लेट होने के कारण यात्रियों के लिए ब्रेकफास्ट और लंच का प्रबंध किया गया था, ताकि उन्हें दिक्कत न आए।





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