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Indians Abroad Indians Abroad सिंगापुर. मलेशिया के प्रधानमंत्री अब्दुल्ला अहमद बदावी ने समान अधिकारों और मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलनरत भारतवंशी हिंदू समुदाय को कड़ी चेतावनी दी है। जरूरत पड़ी तो विरोध प्रदर्शनों से निबटने के लिए कठोर आंतरिक सुरक्षा कानून (आईएसए) भी लागू किया जाएगा।
सरकारी संवाद एजेंसी बेरनामा के अनुसार बदावी ने कहा, ‘विरोध प्रदर्शनों से निबटने के लिए स्थानीय लोग आईएसए लागू करना चाहते हैं, जिससे मैं आश्चर्यचकित हूं। पुलिस को शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए उचित कदम उठाने को कहा है।’ समय आने पर सरकार आईएसए का इस्तेमाल करेगी।
मलेशिया में भारतीय रंगभेद के शिकार
हांगकांग. मलेशिया में पिछले 17 सालों से रह रहीं युवा कवयित्री शरण्या का कहना है कि भारतवंशी और श्रीलंकाई मूल के लोग मलेशिया में रंगभेद के शिकार हो रहे हैं। भारतवंशियों की स्थिति सबसे बदतर है। इसीलिए वे वहां से भागकर चेन्नई आ गई हैं। श्रीलंकाई भारतवंशी शरण्या ने मलेशिया में प्रदर्शन के दौरान हिंदुओं के दमन के बारे में कहा कि वहां इस्लामिक तानाशाही है। मलेशिया की बहुसांस्कृतिक छवि केवल विज्ञापनों में है, हकीकत कुछ और है।
उन्होंने बताया कि मलेशिया के संविधान की धारा 153 में मलय मुस्लिमों को अन्य सभी नस्लों से अधिक लाभ दिया गया है। शरण्या के दादा मलेशिया में श्रीलंका के उच्चायुक्त रह चुके हैं।