भोपाल. राजधानी के राजा भोज विमानतल पर पदस्थ ‘इंडियन’ के करीब आधा दर्जन अफसरों ने फर्जी दस्तावेजों से नौकरी पाई है। इनमें से कुछ के जाति और खेल के प्रमाण पत्र भी फर्जी हैं। इसके अलावा यहां से कुछ लोगों को नियमों की अनदेखी कर फ्लाइट में सवार होने दिया गया, जो दिल्ली में पकड़े भी गए। इन शिकायतों पर इंडियन की विजिलेंस टीम ने जांच शुरू कर दी है। जांच दल चार दिन तक यहां रहकर, तमाम दस्तावेज लेकर गया है।
उक्त मामलों में ‘दबाव’ का अंदाज इसी बात से लगाया जा सकता है कि जांच की कार्रवाई शुरू करने के लिए विजिलेंस टीम को छह महीने तक इंतजार करना पड़ा। सूत्रों के अनुसार विभाग के दिल्ली में बैठे कुछ अधिकारी नहीं चाहते थे कि यह जांच आगे बढ़े। इस मामले में भारतीय हाकी टीम के एक प्रमुख खिलाड़ी रहे इंडियन के अधिकारी की भूमिका भी संदिग्ध है। वे भोपाल के एक अफसर को बचाने में लगे हैं।
ऐसे हुई शुरूआत
राजधानी के एक वकील राजकुमार पांडे ने इंडियन में नियुक्तियों सहित अन्य बिंदुओं पर जानकारी के लिए सूचना के अधिकार के तहत 60 बार आवेदन दिए। फिर भी जानकारी नहीं मिली तो उन्होंने इंडियन के वरिष्ठ अफसरों से इसकी शिकायत की। तब जाकर जांच शुरू हुई।
क्या हैं शिकायतें
* खेल कोटे से भर्ती हुए इंडियन के एक मैनेजर ने तीन राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग नहीं लिया। उन्होंने अपने आवेदन में एक ऐसी जगह मैच खेलने का भी प्रमाण पत्र लगाया गया, जहां हाकी टीम गई ही नहीं थी।
* खेल कोटे से भर्ती एक अन्य मैनेजर की दसवीं की अंकसूची सहित अन्य दस्तावेज भी फर्जी हैं।
* पिछले साल इंडियन का एक यात्री 27 लाख रुपए लेकर यात्रा करता भोपाल में पकड़ाया था। यहां पदस्थ एक मैनेजर ने उसे छुड़वाया और पैसे लेकर यात्रा करने की अनुमति दी। यह यात्री दिल्ली एयरपोर्ट पर पकड़ा गया तो उसने भोपाल के अधिकारी का नाम भी बताया।
* एक अधिकारी ने आदिवासी का फर्जी प्रमाण पत्र लगाया, उसकी पत्नी का धर्म अलग है, लेकिन रिकार्ड में कुछ और नाम लिखाया गया है।
* संस्था के कुछ अधिकारियों ने एक मोबाइल नेटवर्क कंपनी की कुछ युवतियों को एयर होस्टेस बनाने के नाम पर उनका शोषण किया।
क्या किया जांच टीम ने
सूत्र बताते हैं कि चार दिन तक यहां रही यह टीम श्यामला हिल स्थित एक होटल में रुकी थी, लेकिन उसने शिकायतकर्ता से बात नहीं की। टीम के सदस्य धार्मिक यात्रा पर उज्जैन भी गए। सूत्र बताते हैं कि इस कुछ सदस्यों ने जांच के घेरे में आए अफसरों के साथ लंच- डिनर किए। इंडियन के वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच शुरू होने और टीम के भोपाल आने की पुष्टि की है, लेकिन वे अधिकृत तौर पर कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। इस मसले पर इंडियन के चीफ विजिलेंस अफसर केके शर्मा से संपर्क करने पर उन्होंने कुछ भी कहने में असमर्थता जताई।