भोपाल/ खरगोन. उमा भारती के भाजपा में लौटने की खबरों के बीच भारतीय जनशक्ति में दो फाड़ होने के आसार प्रबल हो गए हैं। भाजश के राज्य संचालक मंडल को उमा की गुजरात में प्रत्याशियों को वापस लेने की घोषणा रास नहीं आई। पार्टी के महासचिव प्रहलाद पटेल ने खरगोन में ऐलान कर दिया कि गुजरात में जो उम्मीदवार पार्टी फोरम पर चुनाव लड़ना चाहते हैं उन्हें रोका नहीं जाएगा। उन्होंने कहा उमाश्री अगर चुनाव प्रचार नहीं करती हैं तब भी उम्मीदवार तो चुनाव लड़ेंगे ही। इस बीच जिले के कसरावद, पीपल्या बुजुर्ग व बड़वाह में गुरुवार को होने वाली उमा की सभाएं और रोड शो रद्द कर दिए गए। हालांकि इस बयान के बाद उमा भारती की प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।
खरगोन उपचुनाव में पार्टी उम्मीदवार के लिए प्रचार करने पहुंची उमा भारती की बुधवार रात को गोगावां कस्बे के बाहर पार्टी महासचिव श्री पटेल से लंबी बातचीत हुई। श्री पटेल को गुजरात चुनाव से पार्टी उम्मीदवारों को वापस लिए जाने का उमा का फैसला नागवार गुजरा है। उन्होने कहा कि हमने उमाजी से अपेक्षा की है कि वे पार्टी उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार करें। यदि किन्हीं कारणों से वे नहीं आ पाती तब भी उम्मीदवार अपना प्रचार अभियान जारी रखेंगे।
..तो खरगोन से रचा जाएगा इतिहास
लाभ के पद मामले में कृष्णमुरारी मोघे की सदस्यता रद्द होने के बाद उपचुनाव में खुद उम्मीदवार बनने की बातों के बीच उमा भारती ने खरगोन से देश में एक इतिहास रचे जाने का ऐलान किया था। उपचुनाव की घोषणा से पहले ही उनके उम्मीदवार बनने की संभावनाएं खत्म हो गई थीं लेकिन भाजश के इतिहास रचने की बातें कायम रहीं।
अब उपचुनाव के दरमियान अगर उमा भारती भाजपा में लौट जाती हैं तो खरगोन से भाजश की राष्ट्रीय अध्यक्ष की घर वापसी का एक इतिहास वे जरूर रच देंगी क्योंकि गोगावां के रास्ते में काफिला रोककर एकांत में हुई पार्टी नेताओं से चर्चा उनकी वापसी का महत्वपूर्ण पड़ाव कहा जाएगा।