HomeNewsMetrosIndore Indore

घाटाबिल्लौद में किसानों पर लाठीचार्ज, पथराव

इंदौर. प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं और किसानों द्वारा घाटाबिल्लौद में चक्काजाम के दौरान हुई झड़पों के बाद स्थिति अनियंत्रित होते देख पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिससे किसान भड़के और उन्होंने पथराव किया। करीब एक घंटे चले उपद्रव में पुलिस ने जमकर लाठियां भांजी और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए तेज पानी की बौछारों का भी उपयोग किया। उपद्रव में दो पुलिसकर्मियों सहित पांच लोग घायल हो गए। मामले में पुलिस ने 120 लोगों को गिरफ्तार किया है।

पूर्व विधायक सत्यनारायण पटेल के आह्वान पर गुरुवार को आमसभा के बाद चक्काजाम का एलान किया गया था। इसके चलते कार्यकर्ताओं ने रात को ही बड़ा मंच बना दिया था तथा लाउड स्पीकर लगा दिए थे। अव्यवस्था की आशंका के चलते पुलिस ने अलसुबह ही उक्त मंच और माइक निकाल दिए। गुरुवार सुबह जब किसानों और कार्यकर्ताओं ने पुलिस का रुख देखा तो वे विचलित हो गए। कुछ देर बाद उन्होंने उक्त स्थान पर ट्रैक्टर खड़े कर उस पर अस्थायी मंच बना दिया।

इधर, एहतियात बतौर सुबह से ही भारी पुलिस बल मौजूद था। एडीशनल एसपी मनीष कपूरिया, एसडीओपी योगेश्वर शर्मा, एसडीएम जीएम डोडिया, टीआई विजय शुक्ला स्थिति पर नजर रखे थे। सुबह 10 बजे सत्यनारायण पटेल के साथ, पूर्व मंत्री रामेश्वर पटेल, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष राधाकिशन मालवीय, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी (देपालपुर) अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद शर्मा सहित सैकड़ों किसान, नेता व कार्यकर्ता एकत्रित हुए और आमसभा शुरू हुई। आमसभा को सत्यनारायण पटेल सहित वरिष्ठ नेताओं ने संबोधित किया, जिसमें प्रदेश सरकार को किसान विरोधी नीतियों के लिए जमकर कोसा।

पानी फेंकते ही भड़क उठे किसान
दोपहर 1 बजे जैसे ही आमसभा समाप्त हुई तो किसानों ने मुख्य सड़क पर चक्काजाम कर दिया। इसके चलते महू-नीमच और इंदौर-अहमदाबाद रोड से गुजरने वाले वाहनों की कतारें लग गई। इस पर अधिकारियों ने किसानों को समझाइश दी तो वे नहीं माने। फिर पुलिस ने एक बस बुलाई और किसानों को गिरफ्तार कर बैठाना शुरू किया। इस पर वे उग्र हो गए और नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ देर बाद अधिकारियों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए फायरब्रिगेड का वाहन बुलाया और उससे पानी की तेज धार फेंकना शुरू की। इससे किसान आसपास के मकानों में घुस गए तो कुछ छतों पर चढ़ गए।

इसी दौरान किसानों के एक समूह ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। पुलिस ने लाठीचार्ज कर उन्हें खदेड़ा तो दूसरी ओर से पथराव शुरू हो गया। इसके बाद पुलिस ने जमकर लाठियां भांजी। 20 मिनट चले लाठीचार्ज के दौरान पुलिस ने 120 लोगों को गिरफ्तार किया, जबकि कई किसान को मैदान छोड़ भागना पड़ा।

पटेल से चर्चा के बाद सुलझा मामला
लाठीचार्ज के दौरान सत्यनारायण पटेल दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन उनके उग्र रवैये से बात नहीं बनी। बाद में उनके साथ रामेश्वर पटेल ने अधिकारियों से चर्चा की। इसके बाद गिरफ्तार 120 किसानों को मुचलके पर रिहा कर दिया गया। उपद्रव में दो पुलिसकर्मी और तीन मीडियाकर्मी घायल हो गए।

बिजली, खाद और डंपर को लेकर जमकर खिंचाई
आमसभा में सत्यनाराण पटेल ने कहा कि यह सरकार घोटालों की सरकार है। डंपर, सिंहस्थ, पेंशन, ताबूत सहित बड़े घोटाले किए हैं। किसानों पर झूठे मुकदमे दर्ज कर उनके बोरिंग सील किए जा रहे हैं। बिजली के बिल भरने को लेकर अधिकारी रुपए मांगते हैं और नहीं देने पर बिजली काट देते हैं। उन्हें मार्केटिंग सोसायटियों के जरिए खाद नहीं मिल रही है। वे खुले बाजार में घटिया और महंगी खाद लेने को मजबूर हैं।

मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को डंपर के मामले में आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उन्हें नैतिकता के नाते इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने एसडीएम जीएम डोडिया पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उन्हें हटाने की मांग की। रामेश्वर पटेल ने कहा कि सरकार बिजली व खाद तो उपलब्ध नहीं करा सकी लेकिन तीन-तीन मुख्यमंत्री जरूर उपलब्ध कराए। देपालपुर में 500 करोड़ रु. के झूठे विकास कार्यो का हवाला दिया जा रहा है।

पार्टी की गुटबाजी उजागर
आमसभा व चक्काजाम के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं में गुटबाजी भी देखने को मिली। जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष हेमंत पाल सुबह आए और सभा शुरू होने के पहले ही चले गए। कुछ अन्य कार्यकर्ता भी इस दौरान अचानक वहां से चले गए।

पुलिस वाहन से बंटा किसानों को भोजन चक्काजाम के लिए आए किसानों के लिए भोजन की भी व्यवस्था की गई थी। मजे की बात यह रही कि जिस पुलिस ने उन्हें लाठियों से पीटा, उसी पुलिस के वाहन में किसानों के लिए भोजन लाने की व्यवस्था की गई थी। भोजन के पैकेट पुलिस वाहन में रखे गए थे। खुद पुलिसकर्मियों ने किसानों को अपने हाथों से पैकेट बांटे।

पुलिस पर ज्यादती का आरोप
श्री पटेल ने पुलिस पर बर्बरता का आरोप लगाते हुए कहा कि किसान शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। फिर भी पुलिस ने अकारण लाठीचार्ज किया, जिससे कई किसान घायल हो गए।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: