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छात्र काबिल नहीं हुए तो सजा शिक्षक को

इंदौर. सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में छात्रों की निर्धारित योग्यता का प्रमाण पत्र 15 दिसंबर तक शिक्षकों को देना है। छात्रों में तय योग्यता नहीं पाई गई तो शिक्षकों छात्र काबिल नहीं हुए तो सजा शिक्षक कोको निलंबन तक की सजा भुगतना पड़ेगी। ऐसा मुख्यमंत्री के निर्देश पर किया गया है।

ज्यादातर शिक्षक प्रमाण-पत्र देने की स्थिति में नहीं हैं। आदेश में पहली से पांचवीं तक के छात्रों का योग्यता प्रमाण पत्र देने को कहा गया है। प्रमाण पत्र देने के बाद छात्रों की परीक्षा ली जाएगी। उसमें वे फेल हुए तो सजा शिक्षकों को मिलेगी। प्रमाण पत्र नहीं दिए तो भी शिक्षकों पर ही कार्रवाई होगी। विकासखंड स्रोत समन्वयक डॉ. अवनीश दीक्षित का कहना है कि शिक्षक क्यों डर रहे हैं? उन्हें जिस काम के लिए रखा है उसका ही प्रमाण-पत्र मांग रहे हैं। वे खरे नहीं उतरते हैं तो निलंबित भी किया जा सकता है।

* शिक्षक प्रमाण-पत्र देने के बाद खरे नहीं उतरे तो नोटिस देकर पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा। फिर कार्रवाई की जाएगी।
- विवेक अग्रवाल, कलेक्टर

किस कक्षा के लिए क्या योग्यता
पहली-दूसरी- 1 से 100 तक गिनती और बारहखड़ी लिखना व पहचानना
तीसरी से पांचवीं- 1 से 20 तक पहाड़ा याद होना, कक्षा स्तर की पाठ्यपुस्तकों को धाराप्रवाह पढ़ना व लिखना

जादू की छड़ी तो नहीं
प्राथमिक विद्यालय, भील पल्टन के शिक्षक पंकज नागर का कहना है शिक्षक के पास जादू की छड़ी तो नहीं कि सभी को 15 दिसंबर तक निर्धारित योग्यता तक पहुंचा दें। प्राथमिक विद्यालय-129 के चिराग खत्री ने कहा अधिकारी भी प्रमाण-पत्र नहीं दे सकते कि जो काम कर रहे हैं पूरी तरह सही है।

प्राथमिक विद्यालय-48 की प्रधान पाठक कृष्णा महाजन ने शिक्षकों से कहा है छात्रों के योग्यता प्रमाण पत्र दें। इसके आधार पर वे प्रमाण-पत्र देंगी। आदेश स्कूल खुलने के समय देते तो प्रयास कर सकते थे। जो वर्षो में नहीं हुआ वह कुछ दिन में कैसे करें।





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