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International International इस्लामाबाद. परवेज मुशर्रफ ने सेनाध्यक्ष का पद छोड़ने के एक दिन बाद गुरुवार को असैन्य राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली। इस पद पर यह उनका लगातार दूसरा
कार्यकाल है। चीफ जस्टिस अब्दुल हमीद डोगर ने मुशर्रफ को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मौके पर मुशर्रफ ने पाकिस्तान में लागू आपातकाल को 16 दिसंबर से हटा लेने की घोषणा की।
उधर, मुशर्रफ को हटाने और फांसी देने की मांग को लेकर लाहौर हाईकोर्ट के बाहर प्रदर्शन कर रहे वकीलों ने जमकर नारेबाजी की। पुलिस र्प ईट और कांच की बोतलें फेंकी। जवाब में पुलिस ने वकीलों पर लाठियां बरसरई। शपथ समारोह इस्लामाबाद स्थित राष्ट्रपति निवास में हुआ। मुशर्रफ ने संविधान के तहत शपथ ली जबकि पाक फिलहाल संविधान स्थगित है।
इमरजेंसी लागू है। शपथ लेने के बाद मुशर्रफ ने कहा, ‘मेरे असैन्य राष्ट्रपति और जनरल अशफाक परवेज कियानी के सेनाध्यक्ष रहते हुए पाकिस्तान और ज्यादा ताकतवर बनेगा। आज का दिन देश में पूर्ण लोकतंत्र बहाली के रास्ते में एक मील का पत्थर है।’ मुशर्रफ ने पाकिस्तानी सेना को ‘दुनिया की महानतम सेना’ बताया।
मुशर्रफ ने 6 अक्टूबर को हुए राष्ट्रपति चुनाव में जीत दर्ज की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने नतीजों की घोषणा पर रोक लगा दी। 3 नवंबर को इमरजेंसी लगने के बाद गठित हुई सुप्रीम कोर्ट की नई बेंच ने मुशर्रफ के पुनर्निर्वाचन के खिलाफ दायर सभी याचिकाएं खारिज करते हुए नतीजों की अधिसूचना जारी करने की अनुमति दे दी थी।
शरीफ ने जताया विरोध : पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा कि मुशर्रफ द्वारा ली गई शपथ वैध नहीं है। उन्होंने दावा किया कि इसका कोई कानूनी आधार नहीं है।