bhaskar Web English
HomeNewsMetrosJaipur Jaipur

घरों में दुकानों का नियमन रोका

जयपुर. राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य के 20 शहरों के रिहायशी इलाकों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के नियमन पर रोक लगा दी है। साथ ही मुख्य सचिव, नगरीय विकास विभाग के प्रमुख सचिव, जेडीए आयुक्त, स्वायत्त शासन विभाग के सचिव, महापौर, नगर निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और मुख्य नगर नियोजक से जवाब-तलब किया गया है। न्यायाधीश आर.एम. लोढ़ा व न्यायाधीश आर.एस. चौहान की संयुक्त पीठ ने यह आदेश गीतेश खन्ना की जनहित याचिका पर दिए।

याचिकाकर्ता की वकील नीरजा खन्ना ने अदालत को बताया कि राज्य मंत्रिमंडल ने गत 13 अगस्त को जोधपुर में मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के प्रमुख शहरों के आवासीय क्षेत्रों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के नियमन का फैसला किया। इसके बाद गत 22 अक्टूबर को अधिसूचना जारी कर प्रदेश के एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के आवासीय क्षेत्रों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के नियमन का रास्ता खोल दिया गया। नियमन की अवधि 31 दिसंबर 2007 तक निर्धारित की थी। याचिका के मुताबिक नियमन की अनुमति देने से मास्टर प्लान का उल्लंघन होगा।

जयपुर रीजन के मास्टर प्लान, भवन विनियम नियम 2000 के अनुसार आवासीय योजना में भूखंड का उपयोग सिर्फ रिहायश के लिए किया जा सकता है। इसमें किसी भी मंजिल में दुकान नहीं बनाई जा सकती। व्यावसायिक गतिविधि के उद्देश्य से किसी तरह का बदलाव नहीं किया जा सकता। इस अधिसूचना से राज्य में ढाई लाख से अधिक गैरकानूनी व्यावसायिक गतिविधियां नियमित हो जाएंगी।

अवैध निर्माण बढ़ेंगे और रिहायशी इलाकों के निवासियों का सुख-चैन छिन जाएगा। अकेले जयपुर शहर में 70 हजार से अधिक दुकानें रिहायशी इलाकों में हैं। याचिका में राज्य सरकार के 13 अगस्त 07 के फैसले और 22 अक्टूबर को जारी की गई अधिसूचना को निरस्त करने की मांग की गई है। साथ ही अनुरोध किया गया है कि नियमन की कार्रवाई हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में बनी कमेटी की देखरेख में की जाए और याचिका के निर्णय तक इस नियमन के फैसले पर रोक लगाई जाए।

राज्य सरकार को जेडीए अधिनियम 1982 के प्रावधानों के उल्लंघन से रोका जाए।

सरकार ने ये क्यों नहीं देखा
जिस याचिका के कारण दुकानों के नियमन पर रोक लगी उसमें ज्वलंत मुद्दे उठाए गए हैं। आखिर सरकार ने इस घोषणा के पहले यह सब क्यों नहीं देखा। मुद्दे हैं- * ऐसा हुआ तो यातायात का भारी दबाव रहवासी क्षेत्र में बढ़ेगा
* मास्टर प्लान का खुला उल्लंघन होगा
* ध्वनि प्रदूषण बढ़ेगा
* आपराधिक गतिविधियां भी बढ़ सकती हैं

कब क्या हुआ
13 अगस्त 07- कैबिनेट ने नियमन का फैसला किया
22 अक्टूबर 07- नियमन की अधिसूचना जारी
29 नवंबर 07- हाईकोर्ट ने अधिसूचना की क्रियान्विति पर रोक लगाई

हाईकोर्ट का आदेश
अदालत ने 22 अक्टूबर को जारी अधिसूचना की क्रियान्विति पर रोक लगाते हुए संबंधित पक्षों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

जयपुर में आवासों के बीच व्यापार कहां-कहां :
राजापार्क, जवाहरनगर, बापूनगर, सी-स्कीम, वैशालीनगर, मानसरोवर, मुरलीपुरा, बजाजनगर, मालवीयनगर, प्रतापनगर सांगानेर, टोंकफाटक की आवासीय कालोनियां, खातीपुरा, शास्त्रीनगर, झोटवाड़ा, सिरसी रोड, अंबाबाड़ी, जगतपुरा।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: