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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़. हरियाणा में सरकारी विभागों की ओर से जिन लोगों की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा, उनके पुनर्वास के लिए नई नीति को वीरवार को मंत्रिमंडल ने
मंजूरी दे दी। इसके अलावा मंत्रिमंडल ने सरकारी कर्मचारियों की पेंशन नीति में संशोधन का फैसला किया है।
पहले पेंशन का निर्धारण अंतिम दस महीनों की औसत के आधार पर किया जाता था, लेकिन अब इसका निर्णय अंतिम वेतन के आधार पर किया जाएगा। अगर कोई कर्मचारी ड्यूटी से गैर हाजिर रहता है, बिना वेतन अवकाश पर रहता है, निलंबन की अवधि के दौरान रिटायर हो जाता है, तो ऐसी अनुपस्थिति, अवकाश या निलंबन की अवधि से पूर्व लिए गए अंतिम वेतन के आधार पर पेंशन का निर्धारण किया जाएगा।
राज्य के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा की अध्यक्षता में हुई बैठक में राज्य के भूमिहीन दलितों व गरीबी रेखा से नीचे वालों को 100-100 गज के मुफ्त प्लॉट देने की नीति को भी स्वीकृति दी गई है। मंत्रिमंडल ने मार्केट फीस की चोरी करने पर मुकदमा चलाने का प्रावधान खत्म कर पेनाल्टी बढ़ा दी है।
नई पुनर्वास नीति : प्रदेश में अगर किसी व्यक्ति की 75 फीसदी या ज्यादा जमीन का अधिग्रहण किया जाता है तो उस व्यक्ति को इसकी एवज में प्लॉट दिया जाएगा। प्लॉट का अधिकतम साइज 350 वर्ग गज होगा। इसके अलावा किसानों को 2.75 गुणा 2.75 मीटर कॉमर्शियल जगह भी दी जाएगी। यह नीति 5 मार्च, 2005 से प्रभावी मानी जाएगी।
जमीन मालिकों को मुआवजे के अलावा 33 साल तक अतिरिक्त तौर पर 15 हजार रुपए प्रति एकड़ दिए जाएंगे और हर साल इसमें 500 रुपए की वृद्धि की जाएगी। इसी तरह विशेष आर्थिक जोन के लिए खरीदी गई जमीन पर मुआवजे के अलावा 33 साल तक 30 हजार रुपए प्रति एकड़ प्राइवेट कंपनी की तरफ से दिए जाएंगे और हर साल इसमें 1000 रुपए की वृद्धि होगी। बैठक में राजस्व विभाग के वित्तायुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित करने का निर्णय लिया गया है। राष्ट्रीय पुनर्वास नीति के आकलन के बाद अगर जरूरी हुआ तो कमेटी दो हफ्ते के भीतर इसमें बदलाव की सिफारिश करेगी।
मुफ्त प्लॉट : मंत्रिमंडल ने भूमिहीन दलितों और गरीबी रेखा से नीचे रह रहे लोगों को मुफ्त 100-100 गज के प्लॉट दिए जाने की नीति को भी स्वीकृति दी है। पात्र लोगों की पहचान के लिए गांवों की कमेटियां गठित की जाएंगी। कमेटी में सरपंच, पटवारी, ग्राम सचिव, नंबरदार और स्कूल के मुखिया को शामिल किया जाएगा। इसके लिए शर्त यह होगी कि प्लॉट लेने वाला व्यक्ति आयकरदाता नहीं हो। परिवार के किसी सदस्य को इससे पहले सरकार ने कोई प्लॉट अलॉट नहीं किया हो। भूमि आवंटन की पांच साल की अवधि में मकान बनाना होगा। बीस साल तक भूमि बेची नहीं जा सकेगी। प्लॉट ड्रा ऑफ लाट के तहत आवंटित किए जाएंगे। इस बारे में हुड्डा ने कहा, 4968 ग्राम पंचायतों के पास शामलात जमीन उपलब्ध है। 500 पंचायतों के पास जमीन नहीं है, वहां जमीन खरीदी जाएगी।