अजमेर. अचल संपत्तियों पर अधिभार की वसूली की व्यवस्था स्थानीय निकायों को अपने स्तर पर ही करनी होगी। पंजीयन एवं मुद्रांक महकमे के महानिरीक्षक ने सभी उप महानिरीक्षक व सब रजिस्ट्रारों के दफ्तरों में अन्य महकमों को कर वसूली की इजाजत देने से इनकार कर दिया। इस आदेश का असर यह रहा कि यहां नगर परिषद के कर्मचारी को पहले ही दिन पंजीयन महकमे से बेरंग लौटना पड़ा।
भीलवाड़ा के अलावा अजमेर नगर परिषद ने भी शहर में अचल संपत्ति की खरीद पर आधा फीसदी अधिभार की वसूली के लिए साधारण सभा में प्रस्ताव पारित किया था। राज्य सरकार ने इस संबंध में गजट में अधिसूचना जारी कर दी। परिषद स्तर पर अधिभार की वसूली के लिए पंजीयन उप महानिरीक्षक से बातचीत शुरू की गई थी। उप महानिरीक्षक से कोई जवाब आने से पहले ही परिषद ने गुरुवार को राजस्व विभाग (अन्यकर) शाखा के लिपिक दिनेश कुमार को अधिभार वसूली के लिए सब रजिस्ट्रार दफ्तर भेज दिया लेकिन परिषद के लिपिक को सब रजिस्ट्रार ने बेरंग लौटा दिया। उप महानिरीक्षक ने परिषद को वहां बैठ कर अधिभार वसूलने की अनुमति देने से इनकार कर दिया।
* उप महानिरीक्षक व सब रजिस्ट्रार दफ्तरों से निकायों को अधिभार वसूलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। वित्त विभाग के इस संबंध में स्पष्ट निर्देश है कि किसी अन्य कर की वसूली विभाग के दफ्तर परिसर से नहीं हो सकेगी। अन्य करों की वसूली से अचल संपत्तियों की खरीद-फरोख्त करने वाले प्रभावित होते है। निकाय अधिभार वसूली की व्यवस्था अपने स्तर पर करें।
-हनुमान सिंह भाटी, अतिरिक्त महानिरीक्षक, पंजीयन एवं मुद्रांक
* अचल संपत्ति पर आधा फीसदी अधिभार के संबंध में गजट में अधिसूचना जारी हो चुकी है। परिषद स्तर पर वसूली के लिए पंजीयन अधिकारियों से बातचीत की जा रही है। दिसंबर से वसूली शुरू होने की संभावना है।
- प्रहलाद भार्गव, राजस्व अधिकारी, नगर परिषद