नई दिल्ली: इंडियन क्रिकेट लीग(आईसीएल) के साथ करार तोड़ने के मामले में पाकिस्तान टीम के भरोसेमंद बल्लेबाज मो. यूसुफ को 15 दिसंबर को मुंबई में दावा अदालत में पेश होना होगा।
पाकिस्तान की ट्वंटी20 टीम से हटाए जाने से नाराज यूसुफ ने आईसीएल ज्वाईन कर लिया था। बाद में पाकिस्तान के साथ हुए एक समझौते के तहत वे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड(बीसीसीआई) प्रमोटेड इंडियन प्रोफेशनल लीग(आईपीएल) में शामिल हो गए थे।
आईसीएल ने इस पर आपत्ति खड़ी करते हुए कहा है कि वे किसी भी कीमत में आईपीएल के लिए नहीं खेल सकते।
लीग के कार्यकारी उपाध्यक्ष आशीष कौल ने कहा कि यह तो अपनी मर्जी से आने और जाने का मामला है। उनके साथ हुए पहले करार में साफ कहा गया है कि वे आईसीएल के लिए साइन करने वाले खिलाड़ी किसी प्रतिद्वंद्वी लीग में नहीं खेल सकते।
पीसीबी ने इस मामले में यूसुफ को पूरा सहयोग करने की बात कही है। बोर्ड के प्रमुख नसीम अशरफ उनकी ओर से यह मामला लड़ने की बात कह चुके हैं। यूसुफ के अतिरिक्त पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इंजमाम उल हक, अब्दुर रज्जाक, अजहर महमूद, तौफिक उमर, इमरान फरहत और शब्बीर अहमद आईसीएल के साथ करार पर कायम हैं।