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बूढ़े मां-बाप की देखभाल करनी होगी

नई दिल्ली.बेसहारा माता-पिता की बुढ़ापे में समुचित देखभाल सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने संबद्ध कानून में संशोधन के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इसके तहत माता-पिता की देखभाल करना उनकी संतानों का दायित्व होगा। देखभाल से जुड़े मुकदमों में बुजुर्र्गो को सस्ती कानूनी सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।

प्रधानमंत्री मनमोहन ¨सह की अध्यक्षता में गुरुवार देर रात हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी देने सहित अनेक फैसले लिए गए। संसदीय कार्यमंत्री प्रियरंजन दासमुंशी ने शुक्रवार को पत्रकारों को फैसलों की जानकारी दी।

कैसे मिलेगी बुजुर्र्गो को कानूनी ताकत माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल बिल, 2007 में प्रावधान किया गया है कि जिन व्यक्तियों को अपने मां-बाप या बुजुर्ग रिश्तेदारों की संपत्ति विरासत में मिलेगी, उन पर ऐसे बुजुगोर्ं की देखभाल का दायित्व भी होगा।

>> बिल में गरीबों के लिए बड़ी संख्या में वृद्धावस्था आश्रम खोलने का प्रावधान भी किया गया है। इसके अलावा बुजुर्गाें को बेहतर चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

>> बिल में बुजुर्गाे की जान-माल की रक्षा सुनिश्चित करने के प्रावधान भी किए गए हैं।>> बिल में ऐसे कानूनी ढांचे का प्रावधान किया गया है, जिसमें विवाद की स्थिति में बुजुर्र्गो को त्वरित ढंग से कम खर्च में भरण-पोषण हासिल हो सकेगा।

अल्पसंख्यकों के लिए एक और छात्रवृत्ति योजना

यूपीए सरकार ने अल्पसंख्यकों में शिक्षा के प्रसार के लिए एक और छात्रवृत्ति योजना लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत 10वीं कक्षा से ऊपर की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति की सौ फीसदी धनराशि केंद्र द्वारा दी जाएगी। कैबिनेट की बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई। वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने बताया कि ११वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान १५ लाख छात्र-छात्राओं को इसका लाभ देने का लक्ष्य है।

इस दौरान १,५३क् करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसी साल शुरू की जा रही छात्रवृत्ति योजना को अल्पसंख्यक मामलों का मंत्रालय लागू करेगा। योजना सरकारी और गैर सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों, कॉलेजों व विश्वविद्यालयों में लागू होगी।

कैबिनेट के अन्य फैसले >> पंचायत सम्मेलन और रैली के लिए ७१.८३ करोड़ रुपए की विशेष सहायता को मंजूरी। इसका आयोजन ७३वें संविधान संशोधन के १४ साल पूरे होने के उपलक्ष्य में किया जाएगा, जिसे मनमोहन-सोनिया संबोधित करेंगे।

>> राष्ट्रीय शहरी आवास नीति को मंजूरी। इसके तहत सरकार का जोर पिछड़े और गरीब तबकों को आवास उपलब्ध कराने पर होगा।

>> मिस्र के साथ प्रत्यर्पण संधि के प्रस्ताव को स्वीकृति।

>> आनुवांशिकी इंजीनियरिंग और जैव प्रौद्योगिकी अंतरराष्ट्रीय केंद्र के लिए भारत का अंशदान बढ़ाकर अगले पांच साल में १क् करोड़ रुपए प्रति वर्ष करने पर मुहर।





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