हरदा.
न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी राजेन्द्र दक्षिणो ने गुरुवार को फर्जी प्रमाण-पत्र के आधार पर पट्टा और नौकरी प्राप्त करने के आरोप में टिमरनी विकासखंड की रहटगांव ग्राम पंचायत के सरपंच, पुलिसकर्मी सहित तीन लोगों को भादंवि की धारा 420, 468 के तहत पांच-पांच वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई गई है। तेरह वर्ष पुराने इस मामले में प्रथम श्रेणी दंडाधिकारी राजेन्द्र दक्षिणो ने गुरुवार को यह फैसला सुनाया।
अभियोजन के अनुसार रहटगांव ग्राम पंचायत के सरपंच नारायण प्रसाद उर्फ छोटू वाजपेयी ने वर्ष 1994 में अपने रिश्तेदारों मालाखेड़ी होशंगाबाद निवासी अजय तिवारी एवं ऋषि त्रिपाठी को पंचायत क्षेत्र का मूल निवासी बताकर तहसील कार्यालय से फर्जी मूल निवासी प्रमाण-पत्र जारी कराए। आरोपियों द्वारा इन्हीं प्रमाण-पत्रों के आधार पर शासन की शिक्षित बेरोजगार नीति के तहत रहटगांव में चार हेक्टेयर एवं छिरपुरा गांव में करीब दो हेक्टेयर क्षेत्र पर रेत एवं बजरी उत्खनन का पट्टा प्राप्त किया गया था। पंचायत के तत्कालीन उपसरपंच नीलेश राठौर द्वारा मामले की लिखित शिकायत पुलिस अधीक्षक होशंगाबाद से की गई थी।
तीनों आरोपियों के खिलाफ रहटगांव थाने में धारा 420, 467 और 468 के तहत अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर विवेचना के बाद न्यायालय में पेश किए गए। न्यायिक दंडाधिकारी श्री दक्षिणो ने आरोप सिद्ध पाते हुए तीनों आरोपियों को धारा 420 के तहत तीन-तीन वर्ष के साधारण कारावास और एक-एक हजार रुपए के जुर्माने तथा धारा 468 के तहत दो-दो वर्ष का साधारण कारावास और एक-एक हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। दोनों सजाएं अलग-अलग चलेंगी।