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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़. सियाचिन स्थित एक पाकिस्तानी पोस्ट का नाम उसे अकेले फतह करने वाले परमवीर चक्र विजेता बाना सिंह के नाम पर रखा गया है। यह अलग बात है कि उन्हें पेंशन के तौर पर महज 166 रुपए मिलते हैं। यह मुद्दा गुरुवार को संसद में उस वक्त उछला जब सांसद मनोहर सिंह गिल ने रक्षा मंत्री एके एंटोनी को यह जानकारी देते हुए इसे सैनिकों का अपमान करार दिया।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री गुलामनबी आजार के सामने यह मुद्दा उठा चुके गिल के मुताबिक अलग-अलग राज्यों के परमवीर चक्र विजेताओं की पेंशन में जमीन आसमान का फर्क है। पंजाब में यह 15 हजार है तो हरियाणा में 10 हजार, जबकि जम्मू-कश्मीर में महज 166 रुपए दिए जाते हैं।
इसके अलावा अर्थदंड जमा नहीं कराने पर तीन-तीन महीने के अतिरिक्त करावास की सजा सुनाई गई है। शासन की ओर से इस मामले की पैरवी लोक अभियोजक अशोक चौरे ने की।
सिपाही है आरोपी :
उक्त मामले में एक आरोपी मप्र पुलिस में सिपाही है। वर्तमान में वह जिले के हंडिया थाना में पदस्थ है। अभियोजन के अनुसार इसके पूर्व आरोपी अजय कुमार तिवारी 30 अगस्त 1994 से 6 जनवरी 1996 तक केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल शिवपुरी में आरक्षक था। सीआरपीएफ और मप्र पुलिस के रिकार्ड में आरोपी ने मालाखेड़ी होशंगाबाद का मूल निवासी होना दर्शाया था। जबकि बजरी उत्खनन का पट्टा प्राप्त करने के दस्तावेजों में रहटगांव का मूल निवासी होना बताया है। आरोपी ने 25 अप्रैल 94 से 29 जुलाई 97 तक खदानों से उत्खनन भी किया और सरकारी नौकरी भी।
आरोपियों को मिली जमानत :
जानकारी के अनुसार शुक्रवार को विशेष सत्र न्यायालय में आरोपियों की जमानत अर्जी लगाई गई थी। जिसे न्यायाधीश एसके रघुवंशी ने मंजूर करते हुए तीनों आरोपियों को जमानत दे दी है। गुरुवार को अदालत का फैसला आने के बाद आरोपी अजय को गुरुवार को ही जेल भेज दिया गया था, जबकि सरपंच श्री वाजपेयी और ऋषि की तबियत बिगड़ने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था।