अटारी. गुरु नानक देव जी के प्रकटोत्सव के अवसर पर ननकाना साहिब समेत पाकिस्तान के ऐतिहासिक गुरुद्वारों की यात्रा पर गए भारतीय जत्थे में शामिल दो महिलाओं की हार्ट अटैक से मौत हो गई, जबकि एक सड़क हादसे में 7 श्रद्धालु जख्मी हो गए। जत्थे में शामिल शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के एडिशनल सेक्रेटरी बलवंत सिंह पट्टी ने अटारी रेलवे स्टेशन पर बताया कि कश्मीर के बारामूला इलाके की रहने वाली 68 वर्षीय महिला गुरबख्श कौर को वीरवार सुबह लाहौर के डेहरा साहिब गुरुद्वारे में दिल का दौरा पड़ा जबकि गुरुद्वारा सच्च सौदा में ठहरी पटियाला की गुरशरण कौर के दिल में तेज दर्द
कुछ घंटों के बाद उनकी अस्पताल में मौत हो गई। वह अपने इलाके के जत्थे के साथ यात्रा पर गई थी। गुरबख्श कौर के पार्थिव शरीर को बारामूला ले जाने आए उनके दोहते तेजिंदर सिंह सोढ़ी ने कहा कि नानी के निधन की खबर घर पहुंची तो उनकी मां और छोटे भाई को भी दिल का दौरा पड़ गया। हरियाणा के पिहोवा शहर के निकट गांव छज्जू पुर के रहने वाले सात श्रद्धालु 28 नवंबर को एक फोर व्हीलर से पंजा साहिब गुरुद्वारे से हसन अब्दाल रेलवे स्टेशन की ओर जा रहे थे।
इसी दौरान एक तेज रफ्तार टयोटा गाड़ी ने टक्कर मार दी, इससे फोर व्हीलर उलट गया। इस घटना में 80 वर्षीय नौनिहाल सिंह की टांग टूट गई, जबकि महिला मनजीत कौर के अलावा रणजीत सिंह, मोहिंदर सिंह, परमजीत सिंह, हरपाल सिंह और कर्णबीर सिंह जख्मी हो गए। अगले दिन लाहौर के मियो अस्पताल में नौनिहाल सिंह की टांग पर पलस्तर चढ़ाया गया। कुलबीर सिंह ने बताया कि पुलिस की भारी सुरक्षा के बीच वैसे सारी यात्रा ठीक ठाक रही।
मगर बीती रात डेहरा साहिब में बारिश का पानी टैंटों में गिरने से श्रद्धालुओं को परेशानी हुई और उन्होंने सारी रात जागकर गुजारी। अमृतसर के बलकार सिंह ने बताया कि 24 नवंबर को ननकाना साहिब में दीवान के दौरान इंग्लैड के अलगाववादी नेता मनमोहन सिंह बजाज ने खालिस्तान के नारे लगाए, मगर भारतीय नागरिकों न सिर्फ उन्हें टोका, बल्कि बहुत से लोग वहां से उठकर चले आए।