जालंधर. सिविल अस्पताल के कैदी वार्ड में स्मैक तस्कर रजिंदर कुमार भिंदरी के पत्नी के साथ अय्याशी करने के मामले में पंजाब पुलिस के पांच मुलाजिम तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिए गए हैं। जेल के तीन मुलाजिमों को सस्पेंड करने की सिफारिश भी की गई है। गौरतलब है कि भिंदरी को वीरवार देर रात पुलिस ने उसकी दूसरी बीवी दीपिका के साथ गार्द रूम में ऐश करते पकड़ा था।
इस बात की पुष्टि करते हुए एसपी सिटी-1 एस.के. कालिया ने बताया कि वीरवार देर रात जब कैदी वार्ड में पुलिस ने दबिश दी तो विचाराधीन कैदी भिंदरी गार्द के कमरे में पत्नी दीपिका के साथ ऐश कर रहा था। एसपी ने बताया कि पुलिस लाइन से तैनात किए गए हवलदार कश्मीर सिंह, गुरप्रीत सिंह, सिपाही परमजीत सिंह, भूपिंदर सिंह और जसबीर सिंह को ड्यूटी में कोताही बरतने पर सस्पेंड कर दिया गया है। वहां पर तैनात जेल मुलाजिम हवलदार कुलवंत राय, सिपाही जसविंदर सिंह सहित एक अन्य कर्मचारी को सस्पैंड करने के लिए जेल प्रशासन से सिफारिश की गई है।
भिंदरी गया जेल: भिंदरी के ऐशप्रस्ती के मामले का खुलासा होने के बाद सिविल अस्पताल से जेल भेज दिया गया है। गौरतलब है कि भिंदरी करीब 40 दिन से डिस्क प्रॉब्लम को लेकर सिविल अस्पताल के कैदी वार्ड में दाखिल था।
न्यायिक जांच की सिफारिश :
एसपी कालिया ने बताया कि भिंदरी के मामले की प्राथमिक जांच रिपोर्ट विभाग ने जिला मजिस्ट्रेट को भेज दी है। उन्होंने कहा कि भिंदरी के जेल से लेकर अस्पताल में दाखिल होने की जांच को लेकर डीसी से मजिस्ट्रेट जांच की सिफारिश की है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
विभागीय जांच शुरू सिविल अस्पताल के मैडिकल सुपरिंटैंडैंट रघुबीर सिंह ने बताया कि कैदी भिंदरी का इलाज करने वाले डाक्टर जसबीर सिंह के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि जांच की जिम्मेदारी डा. अशोक खुल्लर को सौंपा गई है। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो पिन्दरी का मैडिकल अमृतसर स्थित मैडिकल कालेज से करवाया जाएगा ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके कि सही में उसकी डिस्क में प्रॉब्लम थी या फिर वह ड्रामा कर रहा था। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर मामले में डाक्टर या अन्य किसी स्टाफ की मिलीभगती पाई गई तो उसके खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाएगा।
3 लाख खर्च किए थे भिंदरी ने पिन्दरी की बात पर यकीन किया जाए तो उसने खुद के सुख के लिए तमाम ऐशप्रस्ती का बंदोबस्त करने के लिए 40 दिन में करीब 3 लाख रुपए खर्च किए हैं। उसने कहा कि इन रुपयों में से 30 हजार रुपए उसने डाक्टर को दिए, कुछ स्टाफ को और अन्य जेल कर्मचारी व पंजाब पुलिस के कर्मचारियों को। उसने स्वीकार किया कि वह समय-समय पर अपनी इच्छानुसार खाने-पीने व मदिरापान बेधड़क किया करता था।
झूठ बोल रहा भिंदरी डाक्टर जसबीर सिंह का कहना था कि उसने भिंदरी से कोई पैसा नहीं लिया बल्कि उसने उसे अदालत के आदेश पर दाखिल किया था। जब वह उसके पास आया था तो उसकी डिस्क में दर्द था। डा. जसबीर का कहना था कि वीरवार को आप्रेशन ड्यूटी के बाद शाम को वह ठीक हो गए भिंदरी को डिस्चार्ज करने के लिए फाइल मंगवाई थी लेकिन जेल कर्मचारी फाइल लेकर नहीं आए और बाद में कहने लगे कि शाम हो गई है तो भिंदरी को सुबह ही डिस्चार्ज करें। उन्होंने कहा कि पिन्दरी उस पर झूठा आरोप लगाकर उसकी छवि खराब कर रहा है।
डिस्क में प्रॉब्लम लेकिन किट साइड में जब पुलिस ने रेड की तो डिस्क सैट करने की किट बैड पर पड़ी हुई थी। गौरतलब है कि डिस्क प्रॉब्लम वाले रोगी को यह किट बांधी जाती है। इससे यह बात साफ हो जाती है कि भिंदरी फर्जी बीमार होकर सिविल अस्पताल में दाखिल था।