पानीपत . शोर मचाने के आरोपी बच्चे को पहले तो विज्ञान शिक्षक ने काफी देर तक मुर्गा बनाए रखा और फिर दो अन्य छात्रों से उक्त बच्चे के दोनों हाथ पकड़वा कर उस पर डंडों की बरसात कर दी। पीड़ित छात्र की टांगों पर दिखाई देने वाले डंडों के निशान अध्यापक की निर्ममता की गवाही दे रहे थे।
देर रात तक दोनों पक्षों के बीच समझौते की बात चल रही थी। वार्ड 11 स्थित श्री महावीर आदर्श सी. सै. स्कूल की दसवीं कक्षा के सी सेक्शन का छात्र शिवम कुमार धवन व अन्य छात्र अंग्रेजी विषय के खाली पीरियड में शोर-शराबा कर रहे थे। शिवम ने बताया कि वह राम-राम जपो कह रहा था, जबकि इसी दौरान कुछ छात्रों ने राम नाम सत्य कहना शुरू कर दिया।
शोर सुनकर विज्ञान अध्यापक राजेश मलिक ने कक्षा में पहुंचकर बच्चों को डांट-फटकार लगाई। उन्होंने शिवम व अन्य बच्चों को काफी देर तक मुर्गा बनाए रखा। बाद में अध्यापक ने शिवम पर आरोप लगाया कि वह राम नाम सत्य कह रहा था। उसने शिवम की पिटाई करनी शुरू कर दी। डंडे की छटपटाहट से छात्र टूट गया और उसने डंडा पकड़ लिया।
इस पर अध्यापक गुस्से से लाल-पीला हो गया और उसने साहिल व शिवम को बुलाकर शिवम के हाथ पकड़ने को कहा। दोनों छात्रों ने शिवम के हाथ पकड़ लिए और शिक्षक ने उस पर डंडों की बरसात शुरू कर दी। छात्र की चीख-पुकार भी अध्यापक का गुस्सा शांत नहीं कर पाई।
अध्यापक के खिलाफ कार्रवाई हो पीड़ित छात्र के पिता विरेंद्र धवन व मां ऊषा ने कहा कि उक्त अध्यापक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। बच्चे को इस निर्ममता के साथ पीटना सरासर गलत है। उन्होंने बताया कि पहले भी शिवम के साथ इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं। आढ़ती रविंद्र कुमार व कस्तूरी लाल और विशाल ने बताया कि अध्यापक की यह हरकत बर्दाश्त करने लायक नहीं है।
गुस्से में उठ गया हाथ अध्यापक राजेश मलिक का कहना है कि शिवम शरारत ही ऐसी कर रहा था कि वह अपने गुस्से पर काबू नहीं रख सका। उसे शिवम को इतना नहीं पीटना चाहिए था।