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International International मॉस्को. रूस के निचले सदन स्टेट ड्यूमा के रविवार को होने जा रहे मतदान में देश के 10.9 करोड़ मतदाता राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन का भविष्य तय करेंगे। अगर पुतिन की पार्टी यूनाइटेड रशिया चुनाव जीतती है तो रूस की राजनीति में उनकी भूमिका भारत में कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के समान हो जाएगी।
नई भूमिका में तीसरी पारी :
राष्ट्रपति के रूप में पुतिन अपना दूसरा कार्यकाल अगले साल मार्च में पूरा कर रहे हैं। नियमानुसार वे तीसरी बार राष्ट्रपति नहीं बन सकते। यानि उनकी पार्टी तो सत्ता में रहेगी, लेकिन पुतिन के पास कोई पद नहीं रहेगा। वे सोनिया गांधी और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के दिवंगत प्रमुख देंग जियाओ पिंग की तरह अपनी पार्टी की सरकार का बाहर से नियंत्रण करते रहेंगे।
अपने आठ साल के शासनकाल में पुतिन देश में एक सुव्यवस्थित लोकतांत्रिक प्रणाली स्थापित करने में नाकाम रहे हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए उन्होंने इस साल अक्टूबर में यूनाइटेड रशिया का सदस्य न होते हुए भी बाहर से ही पार्टी की कमान थामने की घोषणा की थी।