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आईटी कंपनियों को अब वेतन सब्सिडी

जयपुर. आईटी के क्षेत्र में आने वाली कंपनियों को सरकार सस्ती जमीन तो देगी ही, बिजली ड्यूटी आधी माफ करने के साथ वेतन सब्सिडी भी देगी। रिसर्जेट राजस्थान समिट के दूसरे दिन मुख्यमंत्री वसुंधराराजे के हाथों जारी हुई आईटी एंड आईटीईएस पॉलिसी में ये प्रावधान किए गए हैं। सरकार ने एक दिसंबर को आईटी डे घोषित किया है। इस नीति में जयपुर को उत्तर भारत में आईटी का प्रमुख हब बनाने का संकल्प किया गया है। नई नीति में सरकार राज्य में इंटरनेट एवं वेब आधारित एप्लीकेशन को बढ़ावा देगी। सभी सरकारी कार्यालयों में ब्रॉडबैंड इंटरनेट कनेक्शन लिए जा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने आईटी क्षेत्र के मौजूदा बजट को भी वर्ष 2009-10 तक बढ़ाकर दोगुना करने की घोषणा की है।

मुख्यमंत्री वसुंधराराजे ने शनिवार को योजना भवन में 548 लाख रुपए की लागत बनने वाले आईटी भवन की आधारशिला भी रखी। समापन समारोह में जयपुर को वाई-फाई सिटी बनाने के लिए आईटी क्षेत्र में पांच कंपनियों से एमओयू हुए। इन कंपनियों के साथ विभाग के प्रमुख सचिव सी.के. मैथ्यू ने करार पत्रों पर दस्तखत किए।

जोधपुर सर्वश्रेष्ठ ई-मित्र जिला:
सरकार ने जोधपुर को सर्वश्रेष्ठ ई मित्र जिला घोषित किया है। इसके लिए जिला कलेक्टर नरेश गंगवार को मुख्यमंत्री वसुंधराराजे ने 5 लाख रुपए का पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने ई मित्र के पोर्टल का लोकार्पण भी किया।

आईटी नीति में क्या
भू-रूपांतरण की सुविधा : आईटी पार्क, आईटी विकासकर्ताओं को निजी भूमि खरीद पर भू-रूपांतरण की सुविधा दी जाएगी। उन्हें अन्य व्यावसायिक भवनों के मुकाबले दोगुनी एफएआर मिलेगी। सॉफ्टेवयर इकाइयों को आवासीय क्षेत्रों में भी चलाने की छूट होगी।

बिजली ड्यूटी में छूट : सभी नई आईटी इकाइयों को सात साल तक बिजली ड्यूटी में 50 प्रतिशत तक छूट दी जाएगी। आईटी एवं आईटीईएस कंपनियों पर बिजली की दर लो-टेंशन औद्योगिक श्रेणी की लागू होगी।

नहीं होगा श्रम विभाग का निरीक्षण : आईटी एवं आईटीईएस को पब्लिक यूटिलिटी सर्विस माना गया है। इसके तहत आईटी कंपनियों को श्रम विभाग के निरीक्षण से छूट।

साइबर नियम जारी : साइबर अपराधों को रोकने के लिए सरकार ने नियम जारी कर दिए गए हैं। मुख्य शहरों और जिला मुख्यालयों पर पुलिस की साईबर अपराध शाखा के पुलिसकर्मियों की ट्रेनिंग के लिए सरकार अलग से बजट देगी।

स्व-प्रमाण पत्र की सुविधा :
विभिन्न नियमों में स्व प्रमाण-पत्र की सुविधा दी जाएगी। जिन कानूनों के तहत स्व प्रमाण-पत्र दिए जाएंगे, उनमें वेतन भुगतान, न्यूनतम वेतन, बोनस भुगतान, ग्रेच्युटी भुगतान, मातृत्व लाभ और बाल श्रम कानून शामिल हैं।

सफलता शुल्क आधारित पार्टनरशिप : अंतरराष्ट्रीय कंसलटेंसी और निवेशक फर्मो से सरकार सफलता शुल्क आधारित पार्टनरशिप करेगी। इसके लिए योग्यता एवं कार्य क्षमता के आधार पर नियम एवं शर्तो के अनुरूप कंसलटेंट तैयार किए जाएंगे।

सरकार करेगी 50 हजार तक भुगतान : लाभ नहीं कमाने वाली संस्थाओं और व्यक्तियों को आई.सी.टी. पेटेंट प्राप्त करने में हुए खर्चे का 50 हजार रुपए की राशि तक सरकार भुगतान करेगी।

आईटी क्षेत्र का बजट दुगुना
* मुख्यमंत्री ने आईटी क्षेत्र के मौजूदा बजट को भी वर्ष 2009-10 तक बढ़ाकर दोगुना करने की घोषणा की है। योजना भवन में 548 लाख रुपए की लागत से आईटी भवन भी बनाया जाएगा, जिसकी आधारशिला मुख्यमंत्री ने रख दी।
* राज्य में इंटरनेट एवं वेब आधारित एप्लीकेशन के लिए सभी सरकारी कार्यालयों में ब्रॉडबैंड इंटरनेट कनेक्शन लिए जा सकेंगे।

पांच एमओयू साइन
रीसर्जेट राजस्थान के दूसरे दिन भी जयपुर को वाई-फाई सिटी बनाने के लिए आईटी के क्षेत्र में पांच कंपनियों से एमओयू (करार) हुए। इन कंपनियों के साथ विभाग के प्रमुख सचिव सी.के. मैथ्यू ने करार पत्रों पर दस्तखत किए।

राजस्थानियों को रोजगार
* आईटी नीति के तहत राज्य में निवेश करने वाली पहली पांच कंपनियों को सरकार प्रति कर्मचारी दस हजार रुपए देगी। इसकी अधिकतम सीमा 25 लाख रुपए है।

* यह सब्सिडी उन्हीं कंपनियों को दी जाएगी, जो आईटी में 50 और आईटीईएस में 100 लोगों को सीधा रोजगार देंगी। इन कंपनियों पर यह बाध्यता होगी कि वे दो साल तक राजस्थान के मूल निवासियों को ही अपने यहां रोजगार दिया हो।

* बड़ी कंपनियों के लिए विशेष पैकेज तय किया है। इसके तहत 500 से ज्यादा लोगों को रोजगार देने वाली आईटी कंपनी या एक हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार देने वाली आईटीईएस कंपनी को प्रति कर्मचारी 10 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह राशि सिर्फ एक ही बार दी जाएगी।





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Amit Saxena
Tuesday, 4th Dec 2007, 13:12
Rajasthan needs these kind of policies to bring rajasthani's back to their originator places.