भोपाल. राजधानी के पॉश इलाकों की करोड़ों रुपए की सरकारी जमीन फर्जी हस्ताक्षर कर हथियाने के मामले में शनिवार को उस वक्त नया मोड़ आ गया, जब भोपाल के जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने इस मामले की जांच राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) से कराने के संबंध में ब्यूरो के महानिदेशक एसके राउत को पत्र लिखकर जांच के आदेश दिए।
अब यह मामला जिला पुलिस की क्राइम ब्रांच से लेकर ब्यूरों को सौंपा जाएगा। बताया जाता है कि भू-माफियाओं ने जज और कलेक्ट्रेट के अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर कर सरकारी जमीन हड़पने का पूरा इंतजाम कर लिया था। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एके पटनायक ने पिछले दिनों भोपाल प्रवास के दौरान इस मामले में सीबीआई और ब्यूरो के अधिकारियों से चर्चा की थी। श्री राउत के ब्यूरो महानिदेशक का पदभार संभालने के बाद उनसे कुछ न्यायाधीशों ने चर्चा की थी। इस बारे में जिला न्यायाधीश का पत्र शनिवार को ब्यूरो के महानिदेशक को मिल गया है।
क्या है मामला- 1987-88 में मुख्यमंत्री निवास के पास श्यामला हिल्स, महाराणा प्रताप नगर में होटल आर्क मैनोर के सामने, लिली टाकीज और भारत टाकीज के पास करीब छह एकड़ सरकारी जमीन के पट्टे तैयार किए गए। इस मामले का उस वक्त खुलासा हुआ, जब पिछले साल भोपाल विकास प्राधिकरण (बीडीए) को होटल आर्क मैनोर के पास जमीन आवंटित हुई। बीडीए ने योजना तैयार की तो उसी दौरान जमीन के तथाकथित मालिक ने कोर्ट में प्रकरण लगा दिया।
सूत्रों का कहना है कि जमीन के दस्तावेजों में भोपाल कलेक्ट्रेट के तत्कालीन अधिकारी योगेंद्र शर्मा (वर्तमान विदिशा कलेक्टर) के फर्जी हस्ताक्षर पाए गए थे। 2006 में इस मामले को लेकर महाराणा प्रताप नगर थाने में कृष्णाप्रसाद बिसारिया और पांच अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया गया था। इन लोगों ने खुद को भूमिहीन बताकर इस जमीन के पट्टे हासिल कर लिए थे। इसके बाद फर्जी पट्टों के तीन और मामले सामने आए। जमीनों पर कब्जे करने के लिए कुछ जज के फर्जी हस्ताक्षर और उनकी कोर्ट की मोहर भी दस्तावेज तैयार करने में की गई।
* जिला न्यायाधीश का पत्र मिल गया है। अदालत ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं। एक-दो दिन में औपचारिकता पूरी कर जांच शुरू की जाएगी।
- एसके राउत, महानिदेशक ईओडब्ल्यू
कौन-कौन से हैं मामले
1. स्थान: भारत टाकीज के सामने कबाड़ी की दुकान
क्षेत्र: करीब 800 वर्गफीट
आरोपी: अजीबुर्रहमान पुत्र अबू बकर
2. स्थान: होटल आर्क मैनोर के सामने
क्षेत्र: लगभग दो एकड़
आरोपी: कृष्णाप्रसाद बिसारिया, माया बिसारिया, संजीव बिसारिया, अल्पना बिसारिया, प्रीति बिसारिया और अमिता बिसारिया
3. स्थान: मुख्यमंत्री निवास के समीप
क्षेत्र: करीब साढ़े तीन एकड़
आरोपी: जीतेंद्रसिंह पुत्र रामगोपाल, शांतिदेवी पुत्री जगन्नाथ, मसूद अहमद पुत्र गनी, कल्लू खां पुत्र तुराब, हल्की बाई पत्नी कालूराम चौधरी, हल्कूराम पुत्र लालजीराम
4. स्थान: लिली टाकीज के पास
क्षेत्र: करीब 2000 वर्गफीट
आरोपी: बाबूलाल सुनहरे