HomeNewsRajasthanJodhpur Jodhpur

सरकारी पुस्तिका बनी पारिवारिक एलबम

जालोर. सरकारी विभागों की ओर से प्रकाशित किताबों में मुख्यमंत्री, मंत्रियों और अफसरों के फोटो तो आए दिन छपते ही हैं, लेकिन कृषि विभाग के एक अफसर ने तो किसानों के लिए छापी गई मार्गदर्शिका को ‘पारिवारिक एलबम’ का ही रूप दे डाला।

कृषि विभाग की ओर से प्रकाशित किताब ‘उत्पादन एवं विपणन मार्गदर्शिका- कृषि, उद्यान, पशुपालन’ का संपादन कृषि विभाग के उप निदेशक भंवरसिंह राठौड़ और पशुपालन उप निदेशक रोशनलाल देव ने किया है। 64 पृष्ठों की इस किताब में 19 जगह राठौड़ ने अपने बेटे, बहू, पोते व दोहिते के फोटो छपवाए हैं। मामला खुलने के बाद विभाग के अफसर मामले से जहां पल्ला झाड़ने में लगे हैं, वहीं राठौड़ से जवाब देते नहीं बन रहा है।

किताब में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, कृषिमंत्री प्रभुलाल सैनी, कृषि व विपणन राज्यमंत्री सुरेंद्रपालसिंह टीटी के संदेश के साथ उनके फोटो भी प्रकाशित हैं। मुख्यमंत्री का फोटो भी लगभग हर पृष्ठ पर है।

कवर पेज पर पोता
किताब के आवरण पृष्ठ (कवर पेज ) पर भंवरसिंह राठौड़ के पोते यशवंत का फोटो छपा है। मार्गदर्शिका के पहले पृष्ठ पर मुख्यमंत्री और मंत्री के अलावा राठौड़ के बेटे टीकमसिंह, बहू गीता कंवर, पोते यशवंत और दोहिते पुष्पेंद्र के फोटो छापे गए हैं। इसके अलावा ‘छोटा परिवार, सुखी परिवार’ शीर्षक से प्रकाशित विज्ञापन में राठौड़ के बेटे के पूरे परिवार का फोटो है।

50 हजार प्रतियां, साढ़े तीन लाख खर्च
कृषि विभाग ने मार्गदर्शिका की ५क् हजार प्रतियां प्रकाशित कराई हैं। कृषि उप निदेशक की मानें तो मार्गदर्शिका के प्रकाशन पर करीब साढ़े तीन लाख रुपए का खर्चा आया है।

मुख्यमंत्री को ही नहीं पहचानते
इस संबंध में भास्कर ने संयुक्त निदेशक पुखराज मेंशन ने किताब में छपी फोटो को पहचानने से इनकार कर दिया। वे मुख्यमंत्री के फोटो के बारे में बोले ‘मैं नहीं जानता, ये कौन हैं।

* इस संबंध में प्रशासनिक जांच करवाई जाएगी। दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरकारी किताब को कोई इस तरह इस्तेमाल नहीं कर सकता।
—रोहित कुमार, कलेक्टर, जालोर

* किताब में किसके फोटो छपे हैं, मुझे नहीं मालूम। वैसे भी किताब में क्या छापना है, यह हमारी मर्जी है। आपको मुझसे इस बारे में पूछताछ करने का कोई अधिकार नहीं है।
- पुखराज मेंशन, संयुक्त निदेशक कृषि, जालोर

* मार्गदर्शिका कृषि से संबंधित है। हमसे पशुपालन संबंधी लेख मांगे गए थे, जो हमने दे दिए थे। इससे ज्यादा हमें जानकारी नहीं है।
- रोशनलाल देव, उपनिदेशक, पशुपालन, जालोर

* मुझसे तकनीकी सहयोग मांगा गया था, जो हमने दे दिया। इससे ज्यादा मुझे कोई जानकारी नहीं है।
- जी.एल.कुमावत, सहायक निदेशक कृषि, जालोर

अफसर की सफाई
* किताब में किसके फोटो छपे हैं, मैं उन्हें नहीं जानता। फोटो किताब को आकर्षक बनाने के लिए छापे गए हैं। फोटो किसी के भी छपे हों, उससे क्या फर्क पड़ता है।
- भंवरसिंह राठौड़, उप निदेशक कृषि (विस्तार), जालोर





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: