मुंबई. कल्पना कीजिए आज से 1,385 साल बाद किसी उजाड़ स्थान पर रावण राक्षसों की फौज के साथ हमला करने की तैयारी कर रहा है, लेकिन अयोध्या के
महानायक राम उसका संहार कर दुनिया को फिर बचा लेते हैं। सुनने में भले ही अटपटा लगे, लेकिन मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम को नई पीढ़ी के लिए सुपरहीरो के अवतार में पेश करने के लिए कॉमिक बुक ‘रामायण 3392 एडी’ के रचयिताओं ने ठीक ऐसा ही किया है। कॉमिक ने अमेरिका में काफी धूम मचाई है। यहां तक कि हॉलीवुड से भी इस पर फिल्म बनाने के ऑफर आ रहे हैं।
रचयिताओं का मानना है कि भगवान राम की पौराणिक कहानियां सदियों से प्रेरणा की स्रोत रही हैं। पवित्र ग्रंथ ‘रामायण’ दरअसल प्रेम, वफादारी और बुराई पर अच्छाई की जीत की कहानी है। ‘रामायण 3392 एडी’ में सिर्फ संदर्भ बदल दिए गए हैं। इससे यह महाकाव्य दुनियाभर में मशहूर हो रहा है।
नई पीढ़ी के लिए रामायण को इस रूप में प्रस्तुत करने का विचार सबसे पहले बैंगलूर स्थित वर्जिन कॉमिक्स के सीईओ शरद देवराजन के दिमाग में आया। इसके बाद आध्यात्मिक गुरु दीपक चोपड़ा, फिल्म निर्देशक शेखर कपूर और वर्जिन के सीईओ रिचर्ड ब्रांसन ने सदियों पुराने महाकाव्य की आधुनिक शैली में प्रस्तुति दुनिया के सामने रख दी।
वीडियो गेम में भी भगवान : ‘रामायण 3392 एडी’ की कामयाबी से उत्साहित इसके रचयिता अब इसके मल्टी मीडिया संस्करण सामने लाने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए गेमिंग कंपनियों और फिल्मकारों को न्योते दिए जा रहे हैं। सोनी पहले ही इसका ऑनलाइन वीडियो गेम बना रहा है।
* ‘हमने जितने भी कॉमिक्स बनाए हैं, उनमें यह मूल अवधारणा के बिल्कुल करीब है। राम के लुक्स के अलावा बाकी सभी पात्र अमर चित्र कथा के संस्करण के समान हैं।’
- शेखर कपूर, फिल्म निर्देशक
* ‘हम ईमानदारी से कहते रहे हैं कि हमारे पात्र मूल स्वरूप में नहीं, बल्कि उनसे सिर्फ प्रेरित हैं। यह हमारे दिमाग में कभी नहीं आया कि नए राम और सीता पर विवाद खड़ा हो सकता है।’
- दीपक चोपड़ा, आध्यात्मिक गुरु
* ‘निश्चित रूप से कुछ ऐसे लोग होंगे जो पात्रों और उनके कपड़ों पर अनुकूल प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं करेंगे, लेकिन ऐसा कोई तरीका नहीं है, जिससे हम ऐसे लोगों का मूड भांप सकें।’
- गौतम चोपड़ा, चीफ क्रिएटिव ऑफिसर
* रामायण हमेशा से हमारी प्रेरणा का स्रोत रही है। हम इसी प्रेरणा को आउटसोर्स कर रहे हैं। ‘रामायण 3392 एडी’ दुनियाभर में अनेक भाषा में प्रकाशित हो रही है। 20 साल पहले विदेशी कॉमिक भारत आ रहे थे, लेकिन अब उलटा हो रहा है।’
- शरद देवराजन, सीईओ, वर्जिन कॉमिक्स