धौलपुर. नेशनल हाईवे 3 पर शनिवार देर रात बारातियों से भरी बोलेरो जीप चंबल नदी में गिरने से सभी 13 जनों की मौत हो गई। मृतकों में चार बालिकाएं हैं।
कई घंटों के प्रयास के बाद रविवार शाम सभी शव और जीप नदी से निकाल लिए गए।
यूं हुआ हादसा : जौरा, मुरैना (मध्यप्रदेश) कस्बे के जगदीश वाल्मीकि के बेटे दिनेश की बारात आगरा कैंट के लालकुर्ती गांव में गई थी। वहां से शनिवार देर रात लौटते समय यह जीप चंबल की रैलिंग संख्या 16-17 तोड़कर करीब 100 फीट की ऊंचाई से नदी में गिर गई।
तीन मृतकों की शिनाख्त नहीं : दुर्घटना में मारे गए 10 जनों की शिनाख्त की गई है। इनमें मुरार, ग्वालियर (मप्र) की दुर्गेश (15), रेनू (19), जौरा, मुरैना की मालती (8) और रिनी (12) के अलावा जौरा निवासी आकाश, चालक सीताराम, बैंककर्मी लक्ष्मीनारायण, राजेश, झांसी निवासी मोनू और कंपू लश्कर निवासी विनोद हैं। जीप में सवार तीन लोग झांसी के बताए जा रहे हैं, लेकिन इनकी शिनाख्त नहीं हुई हैं। शवों को मुरैना प्रशासन ले गया है।
वर पक्ष को पता ही नहीं लगा : नदी में जीप गिरने की जानकारी वर पक्ष को नहीं थी। सुबह तक गाड़ी में सवार लोग घर नहीं पहुंचे तो खोजबीन शुरू हुई, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। इस बीच पुलिस को चंबल पुल की रैलिंग टूटने की जानकारी मिली तो नदी के समीप रहने वाले मल्लाहों को उसमें उतारा, तब जीप डूबने का पता चला। इस दौरान जौरा गांव के लोग भी वहां पहुंच गए। शवों को पोस्टमार्टम के लिए मुरैना ले जाया गया है।
आर्थिक सहायता देंगे : मुरैना के जिला कलेक्टर आकाश त्रिपाठी ने बताया कि मृतकों के परिजनों को सहायता राशि प्रदान करने के लिए राज्य सरकार को लिखा जाएगा। उन्होंने बताया कि जो परिवार बीपीएल में चयनित है उसे विवेकानंद बीमा समूह से 50-50 हजार रुपए की सहायता दी जाएगी।
सीमा विवाद में उलझे अधिकारी
जहां घटना हुई, वह क्षेत्र किसका है, इसको लेकर मुरैना और धौलपुर के पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी उलझ गए। राजस्थान पुलिस का कहना था कि यह क्षेत्र मध्यप्रदेश का है, जबकि मध्यप्रदेश पुलिस इसे राजस्थान का बता रही थी। बाद में शवों को मध्यप्रदेश प्रशासन मुरैना ले गया।
दो घंटे रहा हाईवे जाम
क्रेन से जीप निकाले जाते समय बुरी सड़क घिर गई, इस कारण मुरैना के सरायछोला और धौलपुर में बरैठा के निकट वाहनों को रोक दिया गया। करीब दो घंटे मार्ग बंद रहने से दोनों ओर हजारों वाहनों की कतारें लग गई।